राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुति और कृष्ण लीला ने मोहा मन, बच्चों ने दिया संस्कार व संस्कृति का संदेश! “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की!”
लवकुश यादव
बस्ती (विधान केसरी)। लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल, कटरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वहीं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण लीला ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और कर्मयोग के संदेश को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह, निदेशक राहुल सिंह एवं प्रधानाचार्या श्रीमती अपर्णा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस दौरान विद्यालय परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक राधा-कृष्ण नृत्य प्रस्तुति से हुई। कृष्ण और राधा की आकर्षक वेशभूषा में सजे बच्चों ने अपनी मासूम अदाओं, भाव-भंगिमाओं और शानदार नृत्य के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की प्रस्तुति पर उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
इसके बाद विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और जीवन प्रसंगों पर आधारित कृष्ण लीला का शानदार मंचन किया। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल्यकाल की विभिन्न लीलाओं तथा उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े आदर्शों, कर्म, सत्य, धर्म और कर्तव्य के संदेश को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। साथ ही श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग के संदेश को भी बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से सामने रखा।
कार्यक्रम में बच्चों की प्रतिभा और प्रस्तुति को देखकर विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों में उत्साह दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ाव का भी संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय के निदेशक राहुल सिंह ने भी जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना आवश्यक है। ऐसे आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति को समझने और उसके मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
प्रधानाचार्या श्रीमती अपर्णा सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बचपन जीवन की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय होता है। बच्चों को इस समय मन लगाकर शिक्षा प्राप्त करने के साथ अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने वाले बच्चे भविष्य में समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म करते रहने, सत्य के मार्ग पर चलने और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को उनके जीवन एवं श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह ने विद्यालय के विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
