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संदिग्ध कोड वाली रिंग के साथ मिला कबूतर, पंजे पर लगे रिंग में लिखा है ‘BAN-2026’ और 701831


ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक संदिग्ध कोड वाली धातु की रिंग पहने एक कबूतर मिलने से इलाके में चर्चा तेज हो गई है। कबूतर के पैर में लगी रिंग पर ‘BAN-2026’ और ‘701831’ लिखा हुआ है। वन विभाग ने कबूतर को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला बेतनटी ब्लॉक के बैशिंगा थाना क्षेत्र के कषीपदा गांव का है, जहां एक घर के पास संदिग्ध कबूतर देखा गया। खास बात यह है कि कबूतर के पैर में एक धातु की रिंग लगी थी, जिस पर संदिग्ध कोड लिखा हुआ था।

मंगलवार दोपहर कषीपदा गांव निवासी हरिश चंद्र पुहान के घर के पास परिवार के लोगों की नजर इस कबूतर पर पड़ी। कबूतर के एक पैर में नीले रंग की पीतल जैसी धातु की रिंग लगी हुई थी। रिंग पर लिखे कोड और नंबर को देखकर लोगों का ध्यान इस ओर गया। कबूतर के पैर में लगी रिंग पर बांग्लादेश से जुड़ा कोड होने की बात सामने आने के बाद धीरे-धीरे मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए हरिश चंद्र पुहान के बेटे श्रीकाश पुहान ने कबूतर को पकड़ लिया और बैशिंगा पुलिस थाने को इसकी जानकारी दी। इसके बाद श्रीकाश खुद कबूतर को लेकर बैशिंगा थाने पहुंचे और पुलिस को सौंप दिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बेतनटी एसडीपीओ मिनती बिश्वाल और बैशिंगा थाना अधिकारी बाबाशंकर सराफ ने कबूतर के पैर में लगी रिंग पर लिखे कोड और नंबर की जांच की। रिंग पर ‘BAN-2026’ और ‘701831’ लिखा हुआ है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि कबूतर बांग्लादेश के इलाके से आया हो सकता है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि कबूतर असल में कहां से आया और उसके पैर में इस तरह की रिंग क्यों लगाई गई थी। आपको बता दें कि कुछ समय पहले जम्मू एवं कश्मीर में सीमावर्ती इलाके में संदिग्ध कबूतर पकड़ा गया था।

मयूरभंज में वन विभाग और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कबूतर कहां से आया है और उसके पैर में लगी रिंग का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था। रिंग पर लिखे कोड और नंबर के पीछे क्या जानकारी है, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। फिलहाल वन विभाग और पुलिस की ओर से मामले की विस्तृत जांच जारी है। कबूतर मिलने के बाद गांव में कुछ समय के लिए डर और उत्सुकता का माहौल बना रहा। अब लोगों की नजर पुलिस और वन विभाग की जांच पर है।

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