शामली (विधान केसरी)। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में मेरठ सेक्टर की विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और उनके कार्यालय में तैनात संविदा सहायक लिपिक सद्दाम को कथित तौर पर 85 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी के कार्यालय और सरकारी आवास पर तलाशी ली, जहां से करीब 71 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
विजिलेंस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने 2 सितंबर 2026 को करीब 1.10 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 40 हजार घन मीटर बालू खनन की अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन संख्या AKV-260029669 बताई गई है। आरोप है कि आवेदन जिला खनन अधिकारी के स्तर पर लंबित था और इसे आगे उच्च अधिकारियों को ऑनलाइन भेजा जाना था।
एक लाख रुपये से अधिक रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आवेदन की स्थिति जानने और उसे आगे बढ़ाने के लिए शिकायतकर्ता जिला खनन अधिकारी के कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि उसे वहां मौजूद संविदा कर्मचारी सद्दाम से संपर्क करने के लिए कहा गया। 14 सितंबर को मुलाकात के दौरान सद्दाम ने आवेदन आगे बढ़ाने के एवज में एक लाख रुपये से अधिक की रकम मांगे जाने की बात कही।
आरोप के मुताबिक, शिकायतकर्ता से जिला खनन अधिकारी के एसबीआई खाते में एक लाख रुपये जमा करने, जबकि 30 हजार रुपये सद्दाम और 5 हजार रुपये एक अन्य सहयोगी को नकद देने की बात कही गई। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत विजिलेंस से कर दी।
विजिलेंस ने बिछाया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद मेरठ सेक्टर विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई। विजिलेंस के अनुसार, 24 सितंबर को शिकायतकर्ता की ओर से जिला खनन अधिकारी के बैंक खाते में 50 हजार रुपये ऑनलाइन जमा किए गए। इसके बाद बाकी रकम नकद देने के दौरान टीम ने कार्रवाई करते हुए सुधाकर सिंह और सद्दाम को कथित तौर पर 85 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
कार्यालय से 8 लाख, आवास से 63 लाख रुपये बरामद
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने जिला खनन अधिकारी के कार्यालय की तलाशी ली। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यालय की दराज से करीब 8 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके बाद सरकारी आवास की तलाशी ली गई, जहां से करीब 63 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई। इस तरह कार्यालय और आवास से बरामद नकदी करीब 71 लाख रुपये बताई जा रही है। तलाशी के दौरान 200 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलने की बात भी सामने आई है। बड़ी मात्रा में नकदी की गिनती के लिए नोट गिनने वाली मशीन का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल विजिलेंस टीम बरामद रकम के स्रोत और अन्य दस्तावेजों व सामान की जांच कर रही है। रिश्वत के आरोपों और बरामद नकदी से जुड़े तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
