24 घंटे में तेजी से चलते दिखा हरेराम यादव, पैर टूटने के दावे पर उठे सवाल! पुलिस ने भ्रामक खबरों का किया खंडन
September 25, 2026
बिहार के जमुई में पुलिस मुठभेड़ में घायल बताया गया हरेराम यादव को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि जिस हरेराम यादव को एक दिन पहले पैर में गंभीर चोट के कारण पुलिसकर्मियों के सहारे अस्पताल ले जाते हुए देखा गया था। वही अगले दिन तेजी से चलते हुए नजर आया और पुलिस की गाड़ी में बैठकर कोर्ट के लिए रवाना हुआ।
बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के बाद हरेराम यादव को अस्पताल लाया गया था। इस दौरान वह अपने पैर पर ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा था और दो पुलिसकर्मियों के कंधे का सहारा लेकर चलते हुए दिखाई दिया। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में उसे अस्पताल से निकलकर तेजी से चलते हुए देखा गया। पुलिस ने बाद में उसे कोर्ट में पेश किया।
इसी वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। कुछ लोगों ने दावा किया कि अगर हरेराम यादव के पैर में गंभीर चोट या फ्रैक्चर था, तो महज 24 घंटे के भीतर उसके इस तरह तेजी से चलने का वीडियो कैसे सामने आया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमुई पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
हालांकि, जमुई पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए उनका खंडन किया है। पुलिस अधीक्षक, जमुई विश्वजीत दयाल, IPS की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जमुई घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं।
पुलिस की सफाई में हरेराम यादव की जगह नंदन यादव का जिक्र किया गया है। पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव अभी अस्पताल में है और उसके पैर में जख्म है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने नंदन यादव को लेकर सामने आई जानकारी को गलत तरीके से हरेराम यादव से जोड़ दिया और इसी आधार पर सोशल मीडिया पर पुलिस मुठभेड़ को लेकर दावे किए गए।
