लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रख्यात एवं विश्वविख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है। मॉरीशस में आयोजित भव्य श्इंटरनेशनल होम्योपैथिक मेडिकल समिटश् में उन्हें जटिल और असाध्य रोगों का होम्योपैथी तकनीक से सफल उपचार करने के लिए 19वें अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से विभूषित किया गया। इस ऐतिहासिक समिट में दुनिया भर के कई देशों के विशेषज्ञ डॉक्टर, चिकित्सा वैज्ञानिक तथा स्थानीय दूतावास के वरिष्ठ गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समिट के दौरान डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने अपना विशेष रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कई ऐसी गंभीर बीमारियों के सफल इलाज के प्रमाण पेश किए जिन्हें सामान्यतः बेहद जटिल माना जाता है। उन्होंने अपने शोध में निम्नलिखित बीमारियों पर होम्योपैथिक चिकित्सा के प्रभावी नतीजों को प्रदर्शित किया।गंभीर एवं क्रोनिक बीमारियां जैसे किडनी डायलिसिस की निर्भरता कम करना, किडनी स्टोन, लिवर विकार और थायराइड। महिला स्वास्थ्य एवं बांझपन अंतर्गत यूटरिन फाइब्रॉइड (गर्भाशय की रसौली), ओवेरियन सिस्ट और इनफर्टिलिटी (बांझपन) का सफल उपचार सहित अन्य विकार जैसे जटिल स्किन रोग, बालों का अत्यधिक झड़ना और पाचन तंत्र से जुड़ी पुरानी समस्याएं।
डॉ. त्रिपाठी की यह उपलब्धि उनके समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रमाण है। वे अब तक 680 राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं। मॉरीशस से पूर्व उन्हें दुनिया के प्रमुख देशों और संस्थानों में सम्मानित किया जा चुका है जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच अंतर्गत लंदन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ब्रिटिश पार्लियामेंट (लंदन), स्विट्जरलैंड, जर्मनी, पेरिस (फ्रांस), दुबई, मलेशिया, वियतनाम, अलमाटी (कजाकिस्तान), बैंकॉक, ताशकंद (उज्बेकिस्तान), नेपाल और अंडमान-निकोबार।
मॉरीशस की धरती पर तिरंगा फहराने के बाद डॉ. आदर्श त्रिपाठी की सफलता का यह सफर यहीं थमने वाला नहीं है। आने वाले समय में उन्हें अमेरिका के व्हाइट हाउस, श्रीलंका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और साउथ कोरिया में भी आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से लखनऊ समेत पूरे देश के चिकित्सा जगत में खुशी की लहर है।
