बलिया। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को दीवानी न्यायालय परिसर से जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनिल कुमार झा ने प्रचार वाहन और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार वाहन जिले की सभी तहसीलों में भ्रमण कर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता और इसके माध्यम से मामलों के त्वरित निस्तारण की जानकारी देगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत लोगों को बताया जाएगा कि आपसी सुलह और समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में कराया जा सकता है। लोक अदालत के जरिए समय और धन दोनों की बचत के साथ सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय प्राप्त किया जा सकता है।
रैली को रवाना करने के दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अश्वनी कुमार दुबे, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजीव कुमार तिवारी, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक पुनीत कुमार गुप्ता तथा नोडल अधिकारी लोक अदालत प्रथम कान्त मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने किया।
-प्रचार वाहन जनपद की सभी तहसीलों का भ्रमण कर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित होने वाले मामलों की जानकारी देगा। इसमें जुर्माने से दंडनीय मामले, पारिवारिक एवं भूमि विवाद, बिजली और टेलीफोन बिल से जुड़े प्रकरण, कर संबंधी मामले, चेक बाउंस तथा सुलह योग्य फौजदारी मामलों समेत अन्य विवादों के निस्तारण की जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निस्तारण आपसी सुलह और समझौते के आधार पर किया जाता है। इससे पक्षकारों को लंबे समय तक मुकदमेबाजी से राहत मिलती है और समय व खर्च दोनों की बचत होती है। लोक अदालत के निर्णय को न्यायालय के निर्णय के समान प्रभावी माना जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने लंबित और सुलह योग्य मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय परिसर, बलिया से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अपर जनपद न्यायाधीश प्रमोद कुमार गंगवार, सैफ अहमद, रामकृपाल, हरीश कुमार, कमलापति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र पाण्डेय समेत सभी सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। इसके अलावा क्रिमिनल व सिविल बार के पदाधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, पैरालीगल वालंटियर्स और वादकारी भी शामिल हुए।
