बलिया। बलिया के स्थानीय उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग के जरिए बड़े बाजार तक पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम के तहत 11 सितंबर को विकास भवन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें सत्तू आधारित उत्पाद और बाटी-चोखा से जुड़े उद्यमियों को आधुनिक और बाजारोन्मुख पैकेजिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आयोजित कार्यशाला सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के साथ उन्हें व्यापक बाजार के लिए तैयार करना है।
कार्यशाला में ईको-फ्रेंडली, सुरक्षित और स्मार्ट पैकेजिंग के साथ क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबलिंग और बारकोड के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। उद्यमियों को आधुनिक पैकेजिंग के जरिए उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ाने के तरीके भी बताए जाएंगे।
बलिया के लिए एक जनपद एक व्यंजन कार्यक्रम में सत्तू आधारित उत्पाद और बाटी-चोखा का चयन किया गया है। कार्यशाला में इन उत्पादों से जुड़े पंजीकृत उद्यमियों और पैकेजिंग क्षेत्र में कार्यरत लोगों को एक्सपोर्ट रेडी पैकेजिंग के संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों, उचित लेबलिंग, गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेस और गुड हाइजीन प्रैक्टिसेस की जानकारी दी जाएगी। खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी तथा आवेदन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों ने सत्तू आधारित उत्पाद और बाटी-चोखा से जुड़े सभी ओडीओपी पंजीकृत उद्यमियों तथा पैकेजिंग क्षेत्र के उद्यमियों से कार्यशाला में प्रतिभाग करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल स्थानीय उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और व्यापक बाजार दिलाने में सहायक होगी।
