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बलियाः आईजीआरएस में लापरवाही पर डीएम सख्त, 12 विभागों को सुधार की चेतावनी! जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के संकेत

  • सीएम डैशबोर्ड की खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी, लंबित परियोजनाएं समय से पूरी करने के निर्देश


बलिया। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और सरकारी योजनाओं की खराब प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में 12 विभागों की फीडबैक स्थिति में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने कार्यालयों में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई करने और फरियादियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने को कहा।

उन्होंने जिलाधिकारी संदर्भ और मुख्यमंत्री संदर्भ से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेने की हिदायत देते हुए कहा कि इन मामलों की शासन स्तर से प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पीएम सूर्य घर योजना, फैमिली आईडी, ओडीओपी और मंडी रसड़ा की रैंकिंग सी श्रेणी में मिली। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, पारिवारिक लाभ योजना और स्टांप की रैंकिंग डी श्रेणी में पाई गई। मातृत्व-शिशु योजना की रैंकिंग ए और निर्माण कार्य की रैंकिंग बी रही।

खराब रैंकिंग वाले विभागों की स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचना चाहिए और कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जिले में चल रही विकास एवं निर्माण परियोजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को तत्काल संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने और लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने राजकीय निर्माण निगम की एक, राज्य सेतु निगम लिमिटेड की तीन, अग्निशमन केंद्र, आवास विकास, यूपी सिडको तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की सात परियोजनाओं सहित उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की एक परियोजना की वित्तीय प्रगति बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, सीआरओ गुलशन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय कुमार राय, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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