भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि! USBRL रूट से कश्मीर पहुंची ईंधन ले जाने वाली पहली ट्रेन
August 08, 2026
भारतीय रेलवे ने जम्मू कश्मीर में रेलवे लॉजिस्टिक्स पहुंचाने के मामले में एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दरअसल, भारतीय रेलवे ने कश्मीर घाटी में पहली बार ईंधन ले जाने वाली मालगाड़ी को सफलतापूर्वक गंतव्य तक पहुंचा दिया है. पेट्रोल और डीजल टैंकरों को लेकर जाने वाली यह ट्रेन हाल ही में निर्मित हर मौसम में चालू रहन वाले उधमपुर-श्रीनगर-बारामूल रेल लिंक (USBRL) रूट से होते हुए घाटी तक पहुंची.
इस ट्रेन ने रणनीतिक रूप से अहम उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) नेटवर्क का सफर तय किया और उन मुश्किल पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरी, जिनकी वजह से कड़ाके की ठंड में कश्मीर घाटी पूरे केंद्र शासित प्रदेश के बाकी जगहों से अक्सर कट जाती थी.
ईंधन ढोने वाली मालगाड़ी का यह ऐतिहासिक ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया गया. इस ट्रेन में पेट्रोल और डीज़ल जैसे ज़रूरी पेट्रोलियम उत्पादों को ले जाने के लिए लगभग 50 टैंकर लगे हुए थे.
नवनिर्मित उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) नेटवर्क के जरिए मुश्किल पहाड़ी इलाकों के बीच से होते हुए जरूरी सामानों को अब कश्मीर घाटी तक पहुंचाने के लिए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर कश्मीर की पुरानी निर्भरता काफी कम हो जाएगी. यह हाईवे अक्सर भारी बर्फबारी, भूस्खलन और सड़क बंद होने की वजह से बाधित रहता है, जिसकी वजह से जरूरी सामानों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में काफी ज्यादा समय लग जाता था.
वहीं, सड़क के जरिए टैंकरों से ढुलाई के बजाय बड़ी मात्रा में रेल से माल ढुलाई करने से ट्रांसपोर्ट की क्षमता बेहतर होने और लिक्विड फ्यूल लॉजिस्टिक्स की क्षेत्रीय लागत काफी कम होने की उम्मीद है.
इससे पहले दूध, चावल और सीमेंट की सफल रेल ढुलाई के बाद, अब ईंधन की लगातार सप्लाई से रोजमर्रा की नागरिक जरूरतें, क्षेत्रीय औद्योगिक कामकाज और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं सुरक्षित हो सकेंगी. इस सफल ट्रायल से भारत की सबसे मुश्किल पहाड़ी रेल लाइन की पूरी ऑपरेशनल क्षमता का इस्तेमाल मुमकिन हो गया है.
