लम्भुआ/सुलतानपुर। लम्भुआ कस्बे में छुट्टा मवेशियों की समस्या राहगीरों और कस्बावासियों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। रात होते ही दर्जनों की संख्या में छुट्टा मवेशी कस्बे की मुख्य सड़कों और गलियों में घूमते नजर आते हैं। सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने से वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं पैदल राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश सिंह श्अंगदश् के प्रयासों से लम्भुआ में प्रदेश की बड़ी और अत्याधुनिक गौशाला का निर्माण कराया गया है। इसका उद्देश्य कस्बे में छुट्टा मवेशियों की समस्या पर प्रभावी रोक लगाना और मवेशियों को सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराना था।
गौशाला की व्यवस्था होने के बावजूद यदि छुट्टा मवेशी रात में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं तो यह जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर कार्रवाई और प्रभावी निगरानी के अभाव में समस्या जस की तस बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर में मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए संसाधन उपलब्ध हैं, तो फिर सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को गौशाला तक पहुंचाने की कार्रवाई नियमित रूप से क्यों नहीं हो रही है?
छुट्टा मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर पंचायत में उपलब्ध केटल कैचर भी लंबे समय से धूल और बरसात झेलते हुए जंग खा रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब मवेशियों को पकड़ने के लिए संसाधन मौजूद हैं, तो उनका नियमित इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।
कस्बावासियों का कहना है कि यदि केटल कैचर का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए और पकड़े गए मवेशियों को गौशाला में सुरक्षित रखा जाए तो समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि गौशाला को पूरी क्षमता के साथ सक्रिय कराया जाए तथा कस्बे में अभियान चलाकर छुट्टा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित गौशाला पहुंचाया जाए। साथ ही केटल कैचर का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।
लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश सिंह श्अंगदश् के प्रयासों से तैयार की गई गौशाला का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी भी इस दिशा में गंभीरता से काम करें। कस्बावासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द प्रभावी कदम उठाकर राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना के खतरे से राहत दिलाएगा।
