आरक्षण विरोधियों पर भड़के आठवले और चिराग पासवान! बोले- मांग करने वालों पर दर्ज हो राजद्रोह
August 24, 2026
केंद्रीय मंत्री एवं 'रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले)' के प्रमुख रामदास आठवले ने आरक्षण का विरोध करने वालों या इसे खत्म करने की मांग करने वालों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की रविवार को मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है।
आठवले ने एक बयान में कहा कि आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन (जिनमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर घोषित प्रदर्शन भी शामिल हैं) ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर भी आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने या उसमें बदलाव की मांग को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं।
आठवले ने कहा, 'आरक्षण का विरोध संविधान का विरोध है। जो लोग आरक्षण-विरोधी रुख अपनाते हैं, वे संविधान-विरोधी हैं और उनके खिलाफ राजद्रोह के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।' उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसे समाप्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है।
जातिगत आरक्षण पर छिड़ी बहस के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपना एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'मैंने 10 फरवरी 2020 को देश की संसद में भी स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है।
चिराग पासवान ने कहा, 'मेरी और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सोच बिल्कुल स्पष्ट है। आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर, आरक्षण की समीक्षा भी हमें कभी स्वीकार्य नहीं है।'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी रिफॉर्म में आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नए यूजीसी रिफॉर्म का विरोध करते हुए आरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी रिफॉर्म में आरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और यूजीसी से इस मामले में हस्तक्षेप कर अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि उनकी मांगों को जल्द सुना जाना चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही।
