सुलतानपुर।जनपद सुल्तानपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच सोमवार को एक गरीब परिवार पर उस समय आफत टूट पड़ी, पेड़ की जड़ें कमजोर होने के कारण महुए का एक पुराना पेड़ अचानक उनके आशियाने पर जा गिरा। हादसे के समय घर में सो रहे परिवार के लोग पेड़ और छप्पर की चपेट में आ गए। ममता पुत्री स्वर्गीय कृपा शंकर और उसकी करीब 20 वर्षीय बड़ी बहन गुड़िया छप्पर के नीचे दब गईं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आनन-फानन में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बहनों को मलबे से बाहर निकाला।
हादसे में बाबा रामफेर को भी हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल ममता को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया। परिजनों के मुताबिक ममता की हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। ममता के शरीर में अंदरूनी चोटें आने की बात भी परिजनों ने बताई है।
बताया जाता है कि ममता और गुड़िया के पिता स्वर्गीय कृपा शंकर की करीब पांच वर्ष पहले मौत हो चुकी है। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान आशियाने पर पेड़ गिरने से परिवार के सामने एक और बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। हादसे में घायल गुड़िया की उम्र करीब 20 वर्ष बताई जा रही है और परिजनों के अनुसार उसकी शादी भी तय हो चुकी है।
हादसे के बाद ममता की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि महुए का पेड़ काफी पुराना था और उसकी जड़ें कमजोर हो चुकी थीं। पेड़ को लेकर पड़ोसी से मुकदमा भी चल रहा है। परिवार की ओर से कई बार पेड़ कटवाने की गुहार लगाई गई, लेकिन विवाद के चलते पेड़ नहीं कट सका। आखिरकार सोमवार को लगातार हो रही बारिश के कारण जमीन कमजोर हुई और पुराना महुए का पेड़ भरभराकर गरीब परिवार के घर पर जा गिरा।
हादसे ने गरीब परिवार के कच्चे आशियाने की मजबूरी को भी उजागर कर दिया। छप्पर के नीचे सो रहे लोग पेड़ की चपेट में आ गए, लेकिन घर की मोटी दीवार ने पेड़ का कुछ भार रोक लिया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह दीवार नहीं होती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था और कई लोगों की जान जा सकती थी।
पेड़ गिरने से परिवार का आशियाना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ रहने की भी समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आवासीय मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
