बिना लक्षणों के चुपके से पनप रही हैं युवाओं में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारी
August 12, 2026
भारत में साइलेंट डिजीज काफी तेजी से पनप रही हैं। इसमें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज एक बड़ी महामारी का रूप ले रही हैं। ये लाइफस्टाइल डिजीज है जिनसे अचानक से कोई बड़ी परेशानी नहीं होती, लेकिन लंबे समय में ये शरीर को अंदर से खोखला बना देती हैं। ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को लेकर सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि बड़ी संख्या में लोगों को इनका पता ही नहीं होता कि उन्हें ऐसी कोई बीमारी है। जबकि डॉक्टर योगेश छाबड़ा (नेफ्रोलॉजी यूनिट के प्रमुख और निदेशक, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग) के अनुसार भारत में लगभग 10 में से 8 लोग उच्च रक्तचाप, डायबिटीज या प्रीडायबिटिक हैं। कई लोग इससे अनजान रहते हैं कि उन्हें कोई बीमारी है क्योंकि इनके लक्षण काफी सामान्य होते हैं और हमेशा दिखाई नहीं देते।
ये बीमारियां धीरे-धीरे शरीर में पैदा होती हैं और इंसान के रोज के कामकाज और दिनचर्या पर तुरंत असर नहीं डालती हैं। इसलिए इनकी नियमित जांच कराना महत्वपूर्ण हो जाता है। खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी उम्र, फेमिली हिस्ट्री, वजन या लाइफस्टाइल के कारण सबसे ज्यादा खतरे में हो सकते हैं।
हाई बीपी और हाई शुगर दोनों की लाइफस्टाइल डिजीज हैं। जो लोग व्यायाम कम करते हैं, अनहेल्दी खान-पान की आदतें हैं, वजन ज्यादा है, लंबे समय तक तनाव में रहते हैं और भरपूर नींद नहीं लेते हैं उन्हें इसका खतरा ज्यादा होता है। अगर आप धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं तो जोखिम कई गुना और बढ़ जाता है।
लक्षण नजर न आने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का बिना टेस्ट के पता लगाना मुश्किल होता है। भले ही शुरुआत में आपको स्वास्थ्य में कोई बदलाव न दिखे, लेकिन ये बीमारियां बाद में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों और ब्लड वेसल्स को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे हार्ट, किडनी, दिमाग और आंखों पर असर पड़ता है। अगर इन दोनों बीमारियों का इलाज न किया जाए तो इससे दिल का दौरा, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी और नजर कमजोर हो सकती है।
चिंता की बात ये है कि युवा वयस्कों तक अब ये बीमारी फैल रही है। जिसका बड़ा कारण आधुनिक वर्कलाइफ और लाइफस्टाइल को माना जा रहा है। समस्या और भी चिंताजनक हो जाती है क्योंकि जब तक कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते, तब तक इन बीमारियों का पता नहीं चल पाता। इसलिए नियमित जांच कराना जरूरी है।
सबसे जरूरी है समय-समय पर अपनी जांच कराएं। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं, अच्छी बैलेंस डाइट लें, रोजाना कोई भी व्यायाम करें, वजन कम रखें और स्ट्रेस को मैनेज करके चलें।
