राजगढ़/मिर्जापुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के नदिहार गांव की मुसहर बस्ती निवासी महिला अपनी दो वर्षीय पुत्री की मौत के बाद मुआवजे के लिए दर-दर भटक रही है। करीब डेढ़ माह पहले धनसिरिया रेलवे अंडरपास के पास निर्माणाधीन रेलवे पटरी के लिए सामग्री ले जा रहे तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से दो वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी। हादसे के बाद निर्माण एजेंसी की ओर से मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
नदिहार गांव की मुसहर बस्ती निवासी स्वर्गीय राजकुमार की दो वर्षीय पुत्री गुड़िया धनसिरिया रेलवे अंडरपास के पास खेल रही थी। इसी दौरान निर्माणाधीन रेलवे पटरी के लिए कंस्ट्रक्शन सामग्री लेकर जा रहा डंपर अनियंत्रित हो गया और बालिका को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वहीं डंपर को थाने लाकर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की थी। पीड़ित परिवार के अनुसार, हादसे के बाद निर्माण एजेंसी से जुड़े डंपर मालिक से मुआवजे को लेकर बातचीत हुई थी। डंपर मालिक की ओर से मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिला।पीड़ित परिवार मजदूरी करके भरणपोषण कर रहा है। इस संबंध में राजगढ़ थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि रेलवे पटरी निर्माण एजेंसी के द्वारा मुआबजा देने का आश्वासन दिया गया था। अब तक नहीं मिला,इसकी जानकारी हो गई,जल्द कार्यवाई की जायेगी।
