जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. एस.पी. सिंह पटेल ने कहा कि बाबू बिन्देश्वरी प्रसाद मधेपुरा मुरहो एस्टेट के वंशज एक भारतीय राजनीतिज्ञ और सामाजिक न्याय के पैरोकार थे। उन्होंने 1968 में बिहार के सातवें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, लेकिन उन्होंने 30 दिनों के बाद इस्तीफा दे दिया। बी.पी. मण्डल द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रहे। जिसे मण्डल आयोग के रूप में जाना जाता है। आयोग की रिपोर्ट ने भारतीय आबादी के एक हिस्से को ष्अन्य पिछड़ा वर्गष् (ओबीसी) के रूप में संगठित किया और भारतीय राजनीति में कम प्रतिनिधित्व वाले और वंचित समूहों से संबंधित नीतियों पर एक तीखी बहस शुरू की। जिससे मण्डल आयोग का गठन हुआ।
इस अवसर पर जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष पांडेय, प्रदेश सचिव शहरे आलम, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मनीष पाल, नगर अध्यक्ष निसार अहमद, सांसद प्रतिनिधि बीएल वर्मा, निजी सचिव जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी वकार अहमद, कोषाध्यक्ष अश्वनी सोनी, अनिल मौर्या, विकास यादव, विपिन सरोज, विजय यादव, अनिल गौतम, राजेश गौड़, प्रदीप यादव, मो.फैजान, राजेश यादव, तौफीक आलम, रमेश सरोज, कृष्ण कुमार पाल सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
