सुल्तानपुर। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज दूबेपुर के मल्टीपरपज हॉल में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिया कि अब सभी फाइलें केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही भेजी जाएं। बिना ई-ऑफिस के कोई भी फाइल स्वीकार नहीं की जाएगी।
11,094 प्रसव के सापेक्ष 9,418 महिलाओं को भुगतान किया गया, जो 85 प्रतिशत है। कम प्रगति वाले ब्लॉकों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तेजी लाने के निर्देश दिए।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एम्बुलेंस के 8 मिनट में पहुंचने की सराहना की गई। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
13 बेड वाली डायलिसिस यूनिट में जुलाई तक 796 डायलिसिस हुए। सीटी स्कैन मशीन खराब होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और सोशल मीडिया पर फैली खबरों का खंडन करने के निर्देश दिए।
कुल 26,368 गर्भवती महिलाओं में से 5,204 हाई रिस्क चिन्हित की गईं। करौंदीकला में कम प्रगति पर स्पष्टीकरण मांगा गया। आठ हाई रिस्क महिलाओं के घर जाकर सहजन का पौधा वितरित करने की पहल की सराहना की गई।
एनीमिया और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर दिया गया। घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए।
मेडिकल कॉलेज में 5,834 यूनिट रक्त जारी किया गया। कादीपुर, दोस्तपुर और लम्भुआ में प्रगति पर नाराजगी जताई गई।
जिलाधिकारी ने 10 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर टीम गठित करने, सात दिन के अंदर गर्भवती महिलाओं के लिए चैटबॉट तैयार करने और आशा संगिनी का भुगतान समय से करने के निर्देश भी दिए।
