पीलीभीत। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम ससईया में मारपीट के बाद युवक की मौत के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं एक अपचारी किशोर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। पुलिस के अनुसार मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया था।पुलिस के मुताबिक 29 और 30 अगस्त की मध्यरात्रि करीब 12रू15 बजे ससईया निवासी संजय कुमार की अस्पताल में मौत होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही बरखेड़ा पुलिस अस्पताल पहुंची और मृतक के परिजनों से जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संजय कुमार और वीरपाल मजदूरी का काम करते थे। मजदूरी के रुपये को लेकर दोनों के बीच शाम के समय कहासुनी हुई थी।बताया गया कि इसके बाद रात में संजय कुमार वीरपाल के घर पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। मारपीट के बाद संजय अपने घर लौट आया और लेट गया। रात करीब 11 बजे उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले, जबकि मृत्यु का कारण गला दबाने से होना अंकित किया गया है। मृतक की पत्नी उमा देवी की तहरीर पर बरखेड़ा थाने में कन्हई लाल, वीरपाल, रोहित कुमार, अंजू देवी और बिलोसो देवी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 335ध्2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 115(2) और 103(1) के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी बीसलपुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों कन्हई लाल, वीरपाल, अंजू देवी उर्फ मंजूरानी और बिलोसो उर्फ रामकली को ग्राम अटकना के निकट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं मामले में नामजद अपचारी किशोर को पुलिस निगरानी में लेकर नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस की गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, कांस्टेबल कौशेंद्र राठी, सौरभ शर्मा, अनुज कुमार, दीपक कुमार, अतुल तथा महिला कांस्टेबल राधा और निहारिका शामिल रहीं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
