संग्रामपुर: अस्पताल में गूंजी नवजात बेटी की किलकारी, परिजनों मे खुशी का माहौल
August 09, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। बेटी के जन्म को लेकर जहां समाज में आज भी कई तरह की धारणाएं देखने को मिलती हैं, वहीं एक परिवार में बेटी ने बेटी को जन्म देकर खुशियों को दोगुना कर दिया। अस्पताल में नवजात बच्ची की किलकारी गूंजते ही परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। शनिवार को जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में बेटी के जन्म पर ऐसा जश्न मनाया पूरा अस्पताल खुशी से सराबोर हो गया। थाना संग्रामपुर क्षेत्र के तिवारी का पुरवा छाछा बनवीरपुर निवासी शिवम तिवारी की पत्नी प्रतिभा तिवारी ने कल सुबह एक नन्ही सी परी को जन्म दिया। बेटी के पैदा होने की खुशी पर परिजनों ने रंगीन गुब्बारे व पुष्प से सजी गाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर भेजी जिससे मां बेटी को घर ले जाया गया। नवजात शिशु व माता को अस्पताल से घर लाने की अनूठी और प्रेरणादायक परम्परा बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे रही है।यह खुशियां समाज को यह सिखाता है कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है और पुत्री के आगमन का स्वागत करना चाहिए। अस्पताल के एक कर्मियों ने कहा पहले लोग बेटा-बेटी में फर्क करते थे आज बेटी के जन्म पर इस तरह का उत्साह देखकर मन खुश हो गया यही बदलाव है। शिवम तिवारी के मुताबिक, परिवार की बेटी ने अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों के स्वस्थ होने की जानकारी मिलते ही घर-परिवार में खुशी का माहौल बन गया। रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने फोन कर बधाई दी और नवजात के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बेटी के पिता शिवम तिवारी ने कहा कि बेटी किसी से कम नहीं होती। आज उनकी बेटी ने बेटी को जन्म देकर परिवार को एक नई खुशी दी है। नवजात के आने से घर में उत्सव जैसा माहौल है। परिजनों ने बच्ची के जन्म पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई। परिवार का कहना है कि बेटियां घर की खुशियों की पहचान होती हैं और उन्हें जन्म से ही समान अधिकार व सम्मान मिलना चाहिए। अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी परिवार की इस खुशी को सराहा और नवजात को आशीर्वाद दिया। इस पुत्री जन्म उत्सव में शामिल आशा सीमा यादव ने बताया कि पहली बार पुत्री जन्म पर इतना उत्साह देखने को मिला ।इस उत्साह को देखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर प्रभारी डॉ संतोष सिंह ने कहा कि ऐसा उत्साह सभी परिवार में होना चाहिए कि पुत्री एक लक्ष्मी है और लक्ष्मी के आगमन पर ऐसा ही उत्साह होना चाहिए।
