गोपालनगर टांडी पहुंचे डीएम-एसपी, राहत केंद्र का लिया जायजा, भूमिहीन पात्रों को जमीन का पट्टा देने के निर्देश
बलिया। बैरिया तहसील के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने गुरुवार को गोपालनगर टांडी का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद कर भोजन, राशन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र बाढ़ पीड़ित राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए और राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम बैरिया से बाढ़ पीड़ितों को दिए गए मुआवजे और जमीन के पट्टे की स्थिति की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि सभी पात्र बाढ़ पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं, सात ऐसे लोगों की जानकारी दी गई, जिनके पास अपनी जमीन नहीं है।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पात्र भूमिहीन बाढ़ पीड़ितों को नियमानुसार जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा।
जिलाधिकारी ने देवपुर मठिया पहुंचकर बाढ़ चैकी स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी और आपात व्यवस्था मजबूत रखी जाए।
इसके बाद डीएम-एसपी ने प्राथमिक विद्यालय गोपालनगर टांडी में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने राहत केंद्र में मौजूद पीड़ितों से बातचीत कर भोजन, पेयजल और अन्य सुविधाओं की स्थिति जानी।
डीएम ने एसडीएम से अब तक वितरित बाढ़ राहत सामग्री का ब्योरा लिया। एसडीएम ने बताया कि अब तक 100 लोगों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि क्षेत्र में सर्वे और चिन्हांकन कर सभी पात्र प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए और जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम बैरिया, बाढ़ खंड के अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
