पीलीभीतः 70 साल पुराने किराये के मकान की चांदी की प्लेट में लौटाई चाबी! पूरनपुर में ईमानदारी की मिसाल बने विजय पाल सिंह ‘विक्की’
August 30, 2026
पूरनपुर। आज के दौर में जमीन और मकान को लेकर जहां रिश्तों में भी दरार पड़ते देर नहीं लगती, वहीं पूरनपुर में समाजसेवी एवं व्यापार मंडल के प्रांतीय मंत्री विजय पाल सिंह ‘विक्की’ ने ईमानदारी, साफ नीयत और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है करीब 70 वर्षों तक जिस किराये के मकान में उनका परिवार रहा, उसी मकान को अपना आशियाना बन जाने के बाद उन्होंने बिना किसी दावे या अधिकार के सम्मानपूर्वक खाली कर चाबी वापस सौंप दी बताया गया कि विजय पाल सिंह ‘विक्की’ के पिता स्वर्गीय बूटा सिंह ने नवाब शमसुल हसन की भांजी कैसर जहां का रजागंज स्थित बैंड वाली गली का मकान किराये पर लिया था यही मकान परिवार की कई पीढ़ियों की यादों का गवाह रहा विजय पाल सिंह ‘विक्की’ और उनकी बहनों का जन्म भी इसी घर में हुआ और परिवार की परवरिश इसी मकान में हुई करीब सात दशक तक परिवार का जीवन इस घर से जुड़ा रहा समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और विजय पाल सिंह ‘विक्की’ ने प्रदीप कॉलोनी में अपना मकान बना लिया अपना घर बनने के बाद उन्होंने किराये के पुराने मकान को लेकर किसी तरह का दावा करने के बजाय उसे सम्मानपूर्वक खाली करने का निर्णय लिया उन्होंने मकान को खाली कर उसकी चाबी संबंधित परिवार को वापस सौंप दी मकान की चाबी लौटाने के लिए बाकायदा सम्मानजनक तरीके से कार्यक्रम आयोजित किया गया समाज के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में अशोक खंडेलवाल के आवास पर नवाब शमसुल हसन के भांजे खुशनुद मियां एवं उनके साथी बब्बू खां को मकान की चाबी सौंपी गई खास बात यह रही कि चाबी को चांदी की प्लेट में रखकर सम्मानपूर्वक वापस किया गया इस दौरान अशोक खंडेलवाल, शैलेंद्र गुप्ता, नवीन अग्रवाल, जाहिद खान, बलजीत सिंह खैरा, सचिन गुप्ता ‘चोटी वाले’, सरफराज अहमद, सरफराज खान, रौनक बाबा समेत कई सम्मानित लोग मौजूद रहे विजय पाल सिंह ‘विक्की’ का यह कदम महज एक किराये का मकान खाली करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह नीयत और संस्कारों की मिसाल बन गया जिस मकान से परिवार की करीब सात दशक पुरानी यादें जुड़ी रहीं, उसे अपना अधिकार मानकर कब्जा बनाए रखने के बजाय उन्होंने समय आने पर सम्मान के साथ वापस कर दिया समाज के लोगों का कहना है कि संपत्ति को लेकर बढ़ते विवादों के दौर में ऐसा उदाहरण लोगों को यह संदेश देता है कि रिश्ते, भरोसा और ईमानदारी किसी भी संपत्ति से अधिक मूल्यवान होते हैं विजय पाल सिंह ‘विक्की’ का यह कदम पूरनपुर में सकारात्मक चर्चा का विषय बना हुआ है यह घटना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक संदेश छोड़ती है कि हक से बढ़कर ईमानदारी और संपत्ति से बढ़कर साफ नीयत होती हैं।
