लखनऊ। राजधानी के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में अवैध कबाड़ कारोबारियों के बुलंद हौसलों के आगे नगर निगम और पुलिस प्रशासन की टीम एक बार फिर बेबस नजर आई। रिंग रोड चैकी क्षेत्र स्थित चोरघाटी पेट्रोल पंप के पीछे अवैध रूप से चल रहे कबाड़ के कारखाने को खाली कराने पहुंची नगर निगम की टीम को कबाड़ कारोबारियों के तीखे विरोध के चलते खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, चोरघाटी पेट्रोल पंप के पीछे संचालित यह कबाड़ का कारखाना पूरी तरह से अवैध है। क्षेत्र में प्रदूषण और गंभीर संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने लगभग चार दिन पहले कारोबारी को परिसर खाली करने का नोटिस जारी किया था। तय समय सीमा बीतने के बाद जब जगह खाली नहीं की गई, तो कल रात नगर निगम की टीम डंपर और जेसीबी लेकर कार्रवाई करने पहुंची थी।
टीम के पहुंचते ही कबाड़ कारोबारी उग्र हो गए और खुद को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता बताकर अधिकारियों से उलझ गए। कबाड़ियों ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि ष्चाहे जेल में डाल दो, लेकिन हम जगह किसी कीमत पर खाली नहीं करेंगे।ष् सत्ता और संगठन का नाम लेकर दी गई इस धमकी के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा।
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद ठाकुरगंज पुलिस ने हस्तक्षेप किया और उत्तेजित कबाड़ियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए नगर निगम अधिकारियों ने कबाड़ हटाने के लिए दो दिन की अंतिम मोहलत दी और जेसीबी व डंपरों को वापस बुला लिया।
हाल ही में पारा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाने वाली नगर निगम और पुलिस टीम की इस ढिलाई पर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों के बीच चर्चा है कि क्या प्रशासन ठाकुरगंज में भी पारा जैसी सख्त कार्रवाई कर पाएगा, या फिर श्ठश्रच् कार्यकर्ताश् का ठप्पा लगाने वाले कबाड़ माफिया के राजनीतिक दबाव के आगे नतमस्तक हो जाएगा? फिलहाल सभी की निगाहें दो दिन की मोहलत खत्म होने के बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी है।
