लखनऊ। नगर निगम ने उन भवन व दुकान स्वामियों के लिए एक राहत भरी योजना की शुरुआत की है, जिन्होंने अब तक अपने भवनों का गृहकर निर्धारण नहीं कराया है। नगर निगम की ओटीएस योजना के तहत शहर के करीब 2 लाख मकान और दुकान मालिकों को बकाये कर पर बड़ी छूट पाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
योजना का लाभ उठाने के लिए 15 नवंबर तक आवेदन किया जा सकता है। लाभार्थी 15 दिसंबर तक बकाया राशि जमा कर योजना का लाभ ले सकेंगे। गृहकर और जलकर के बकाये पर लगने वाला पूरा ब्याज माफ किया जाएगा। वर्तमान में गृहकर बकाये पर 15ः की दर से ब्याज वसूला जाता है। यह छूट आवासीय, व्यावसायिक और सरकारीकृसभी प्रकार की संपत्तियों पर समान रूप से लागू होगी।
जिन नए क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल किया गया है और वहां अब तक गृहकर निर्धारण नहीं हुआ है, उनसे वर्ष 2020 से गृहकर लिया जाएगा। शहर के बाकी हिस्सों में बिजली कनेक्शन की तिथि या संपत्ति की रजिस्ट्री की तारीख के आधार पर गृहकर का निर्धारण किया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ओटीएस योजना की समयावधि समाप्त होने के बाद गृहकर निर्धारण न कराने वाले भवन स्वामियों को ब्याज माफी का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके बाद उनसे नियमानुसार 15ः ब्याज के साथ पूरा बकाया वसूला जाएगा। इसलिए करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे योजना की तय समय सीमा से पहले अपना गृहकर निर्धारण कराकर इस छूट का लाभ उठाएं।
