Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

पीलीभीतः दिव्यांगों को मिलेगी आत्मनिर्भरता की सौगात, अक्तूबर में लगेगा निःशुल्क कृत्रिम हाथ शिविर! निशक्त जन सेवा संस्थान और इनाली फाउंडेशन की पहल, 150 से अधिक पंजीकरण


पीलीभीत। कोहनी या कंधे के नीचे से हाथ गंवा चुके दिव्यांगजनों के लिए राहत की खबर है। निशक्त जन सेवा संस्थान और इनाली फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से जिले में 2 से 5 अक्तूबर तक निःशुल्क कृत्रिम हाथ लगाने का विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराकर उन्हें दैनिक जीवन के कार्यों में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा। संस्था का लक्ष्य जिले और आसपास के क्षेत्रों से करीब 500 जरूरतमंदों तक इस सुविधा को पहुंचाना है।

शिविर की तैयारियों को लेकर 26 अगस्त को निशक्त जन सेवा संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से मुलाकात की। संस्था की ओर से बताया गया कि जिला प्रशासन के सहयोग से अब तक 150 से अधिक दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें 96 लोगों के कृत्रिम हाथ के लिए इनाली फाउंडेशन की ओर से स्वीकृति भी मिल चुकी है। संस्था का प्रयास है कि पंजीकरण की प्रक्रिया को और व्यापक करते हुए जिले के सभी पात्र जरूरतमंदों को इस सुविधा से जोड़ा जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने बरेली मंडल के अन्य जिलों में भी अभियान संचालित कराने के लिए प्रशासनिक सहयोग का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त बरेली से फोन पर वार्ता की। मंडलायुक्त की ओर से भी सहयोग का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मंडलायुक्त के साथ बैठक कर सभी जनपदों में जरूरतमंद दिव्यांगजनों की पहचान और पंजीकरण कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

संस्थान के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अमृतलाल ने 27 अगस्त को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिविर की जानकारी जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक पहुंचाने में सहयोग मांगा। थाने स्तर से भी ऐसे लोगों की जानकारी जुटाकर उन्हें शिविर से जोड़ने का आग्रह किया गया। संस्था का मानना है कि प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

संस्था की ओर से अपील की गई है कि जिन लोगों का हाथ कोहनी या कंधे के नीचे से कट चुका है और उन्हें कृत्रिम हाथ की जरूरत है, वे इस अभियान की जानकारी लेकर पंजीकरण कराएं। परिवार के सदस्य, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें शिविर से जोड़ सकते हैं।

इनाली फाउंडेशन सेक्शन-8 के तहत कार्य करने वाला गैर-लाभकारी संगठन है। संस्था के अनुसार देशभर में अब तक 20 हजार से अधिक कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराए जा चुके हैं और 500 से अधिक शिविर आयोजित किए गए हैं। पीलीभीत में निशक्त जन सेवा संस्थान के सहयोग से आयोजित होने वाला शिविर भी इसी सेवा अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।

संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि कई जरूरतमंद आर्थिक परेशानी या जानकारी के अभाव में कृत्रिम अंग की सुविधा नहीं ले पाते। ऐसे में आम लोगों की जिम्मेदारी है कि वे अपने आसपास मौजूद जरूरतमंद दिव्यांगों तक शिविर की जानकारी पहुंचाएं। एक व्यक्ति को इस सुविधा से जोड़ना उसके दैनिक जीवन को आसान बनाने के साथ उसके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा दे सकता है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |