पीलीभीत। विकासखंड मरौरी के ग्राम चिड़ैयादेह स्थित मैत्रीबाग कॉलोनी में बदहाल सड़क, जर्जर नालियों और जलनिकासी की समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे लोगों ने गांव के बाहर एक बड़ा बैनर लगाकर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद करते हुए चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। कॉलोनीवासियों ने साफ शब्दों में ऐलान किया है कि यदि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कराया गया तो वे आने वाले विधानसभा और पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे।
कॉलोनीवासियों की ओर से लगाए गए बैनर पर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ और ‘चुनाव बहिष्कार’ जैसे नारे लिखे गए हैं। बैनर के माध्यम से समस्त मैत्रीबाग कॉलोनीवासी, ग्राम चिड़ैयादेह की ओर से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी नाराजगी पहुंचाने का प्रयास किया गया है। लोगों का कहना है कि यह कदम किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए उठाया गया है।
मैत्रीबाग कॉलोनीवासियों के मुताबिक कॉलोनी की पुरानी सड़क और नालियां लंबे समय से बदहाल हैं। सड़क की स्थिति खराब होने के साथ जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा रहता है। नालियां क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदे पानी की निकासी भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। बरसात के मौसम में समस्या कई गुना बढ़ जाती है और पूरी कॉलोनी जलभराव की चपेट में आ जाती है।
लोगों का कहना है कि सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर ही उन्हें रोजमर्रा के काम के लिए आवागमन करना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि बदहाल रास्ते और जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बरसात के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी होती है। कई बार बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जिस रास्ते से बच्चे रोजाना स्कूल जाते हैं, उसकी हालत वर्षों से सुधार की बाट जोह रही है।
कॉलोनीवासियों की सबसे प्रमुख मांग माधौटांडा रोड पर जलनिकासी के लिए प्रभावी नाला निर्माण की है। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर समुचित नाला नहीं होने के कारण बरसात और कॉलोनी का पानी बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता। यही पानी कॉलोनी की गलियों और मुख्य रास्तों पर जमा होकर लोगों की परेशानी बढ़ाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जब तक माधौटांडा रोड पर नाला बनाकर पानी की निकासी का स्थायी इंतजाम नहीं किया जाता, तब तक सड़क और गलियों में जलभराव की समस्या से पूरी तरह निजात मिलना मुश्किल है।
लंबे समय तक सड़क और गलियों में पानी जमा रहने से गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना रहता है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। लोगों ने डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि स्वच्छ सड़क, नाली और जलनिकासी कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि आम नागरिक की बुनियादी जरूरत है। इसके बावजूद वर्षों से समस्या का समाधान न होना लोगों के बीच लगातार नाराजगी बढ़ा रहा है।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है। मौके की स्थिति से भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर काम दिखाई नहीं देता। कॉलोनीवासियों ने अब अपनी मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
कॉलोनीवासियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद स्थानीय स्तर की बुनियादी समस्याएं पीछे छूट जाती हैं।
लोगों का कहना है कि जब नागरिक अपने क्षेत्र की सड़क, नाली और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याओं के लिए वर्षों तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने को मजबूर हों तो आखिर उनकी समस्याओं की सुनवाई कब होगी?
अपनी नाराजगी को सार्वजनिक रूप देने के लिए कॉलोनीवासियों ने गांव के बाहर बड़ा बैनर लगाया है। बैनर पर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लिखकर चुनाव बहिष्कार का संदेश दिया गया है। इस कदम के बाद स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी विधानसभा और पंचायत चुनाव में मतदान से दूरी बनाने का फैसला ले सकते हैं।
अपनी मांगों को लेकर कॉलोनीवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से कॉलोनी की जर्जर सड़क, खराब नालियों और माधौटांडा रोड पर नाला निर्माण न होने के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या से अवगत कराया गया है।
कॉलोनीवासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संबंधित विभाग और अधिकारियों को निर्देशित कर मौके का निरीक्षण कराया जाए तथा समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। बोले कॉलोनीवासी,अब सिर्फ आश्वासन नहीं, धरातल पर काम चाहिए कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं हैं। उनकी लड़ाई केवल अपने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं के लिए है। लोगों का कहना है कि वर्षों से समस्या झेलने के बाद अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने मांग की है कि कॉलोनी में पक्की सड़क का निर्माण, क्षतिग्रस्त नालियों का पुनर्निर्माण तथा माधौटांडा रोड पर जलनिकासी के लिए पर्याप्त क्षमता वाले नाले का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या समाप्त हो सके।
कॉलोनीवासियों ने संकेत दिया है कि यदि चुनाव से पहले उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो चुनाव बहिष्कार के फैसले को आगे बढ़ाया जा सकता है। लोगों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही समस्या को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं कि मैत्रीबाग कॉलोनीवासियों के ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के ऐलान के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का जायजा लेते हैं या फिर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी को भी महज एक शिकायत मानकर छोड़ दिया जाता है।फिलहाल गांव के बाहर लगा चुनाव बहिष्कार का बैनर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि मैत्रीबाग कॉलोनी के लोग अब सड़क, नाली और जलनिकासी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर आर-पार के तेवर में हैं।
