पीलीभीत। इकरा पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज में सोमवार को मेधावी छात्राओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए तजकिया स्कॉलरशिप वितरण समारोह आयोजित किया गया। कक्षा एक से 12 तक चयनित छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। अपनी बेटियों को सम्मान के साथ आर्थिक सहयोग मिलता देख अभिभावकों में भी उत्साह और खुशी का माहौल रहा।
तजकिया स्कॉलरशिप के लिए छात्राओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। पहली श्रेणी में कक्षा एक से पांच तक प्रत्येक कक्षा से एक छात्रा का चयन किया गया। कक्षा एक की माहिरा, कक्षा दो की जिया शान, कक्षा तीन की दर्शमीन, कक्षा चार की हम्दा और कक्षा पांच की अदीबा को 7,500 रुपये प्रति छात्रा की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
दूसरी श्रेणी में कक्षा छह से आठ तक की मेधावी छात्राओं को शामिल किया गया। कक्षा छह की इल्मा फातिमा, कक्षा सात की शगुफ्ता और कक्षा आठ की इकरा फातिमा को 11-11 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी गई।
इसी क्रम में तीसरी श्रेणी के तहत कक्षा नौ से 12 तक की छात्राओं का चयन किया गया। कक्षा नौ की मनहा अशरफी, कक्षा 10 की अलीना बी, कक्षा 11 की उमम और कक्षा 12 की फारिया को 16-16 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अखलाक हसन खान ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि किसी भी छात्रा की पढ़ाई आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रभावित न हो। तजकिया स्कॉलरशिप इसी उद्देश्य को मजबूती देने वाला प्रयास है, जिसके माध्यम से मेधावी छात्राओं को आगे की शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग मिल रहा है।उन्होंने तजकिया संस्था के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि छात्राओं को प्रोत्साहन मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होती हैं। बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना समाज और देश दोनों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।प्रधानाचार्य ने कहा कि इकरा पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उद्देश्य है कि छात्राएं अपनी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ें और भविष्य में समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। समारोह के अंत में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को शुभकामनाएं दी गईं। सम्मान और आर्थिक सहयोग मिलने पर छात्राओं के चेहरे खिल उठे, वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बेटियों की शिक्षा के लिए उत्साह बढ़ाने वाला कदम बताया।
