सोनभद्र, 28 जुलाई। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में उद्योग, व्यापार और रोजगार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने जिले में खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ वैल्यू एडिशन उद्योग स्थापित किए जाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र से स्टोन, फ्लाई ऐश, एल्यूमिनियम और सीमेंट जैसे कच्चे माल बड़ी मात्रा में बाहर भेजे जाते हैं, जबकि उनका मूल्य संवर्धन अन्य जिलों व राज्यों में होता है। यदि स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित हों तो रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में नगर क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान रोड स्टड लाइटों के उखड़ने का मुद्दा भी उठाया गया। कौशल शर्मा ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताते हुए सार्वजनिक धन के अपव्यय को रोकने पर जोर दिया।
उन्होंने रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों के लिए संचालित केंद्र सरकार की लघु ऋण योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को भी उठाया। उनका कहना था कि लाभार्थियों को बैंकों द्वारा बार-बार दस्तावेजों के लिए बुलाया जाता है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जिलाध्यक्ष ने जिले में आरओ पाइपलाइन के बावजूद पेयजल आपूर्ति सुचारु न होने और कई आरओ प्लांटों के खराब पड़े होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मानसून के दौरान जलजनित और रक्तजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक के दौरान उन्होंने लैंड पूलिंग के माध्यम से नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने संबंधी ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर संगठन के जिला महामंत्री प्रीतपाल सिंह, नगर महामंत्री जसकीरत सिंह, जिला उपाध्यक्ष नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, नगर मंत्री अभिषेक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
