सोनभद्र, 27 जुलाई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत सोमवार को एडीआर भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल जज (सीडी)/सचिव (पूर्णकालिक) राहुल ने की।
बैठक में उपस्थित पराविधिक स्वयं सेवकों (पीएलवी) एवं अधिकार मित्रों को उनके दायित्वों और विधिक जागरूकता अभियानों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर आमजन को उनके कानूनी अधिकारों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि गरीब, असहाय, महिलाएं, बच्चे तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता का संदेश पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए घर-घर जाकर लोगों को इसके लाभों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण हो सके।
बैठक में पराविधिक स्वयं सेवकों को अपने दैनिक एवं मासिक कार्यों की रिपोर्ट समय से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में जमा करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलह-समझौते की उपयोगिता के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने की अपील की गई।
यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव शैलेन्द्र यादव ने दी।
