बता दें कि समाजवादी पार्टी ने सरकार की नीतियों के विरोध में 24 घंटे का प्रदर्शन घोषित किया था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। विधायक अमिताभ बाजपेई सहित सपा के अन्य विधायकों के घरों के बाहर देर रात से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पार्टी नेताओं का आरोप है कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए प्रभावी रूप से नजरबंद कर दिया गया था।
सुबह जब विधायक अमिताभ बाजपेई अपने आवास से बाहर निकले तो उनके समर्थकों की बड़ी संख्या वहां मौजूद थी। कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। विधायक का काफिला आगे बढ़ने लगा, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोक दिया। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों और विधायक के बीच बातचीत चल रही थी। तभी अमिताभ बाजपेई अचानक बैरिकेडिंग के किनारे पहुंचे और मौका देखकर तेजी से दौड़ते हुए आगे निकल गए। उन्हें दौड़ता देख पुलिसकर्मी भी उनके पीछे भागे।
यह दृश्य कुछ देर तक चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि विधायक अधिक दूर नहीं गए। कुछ समय बाद वह वापस अपने आवास लौट आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक आगे दौड़ते और उनके पीछे पुलिसकर्मी भागते दिखाई दे रहे हैं।
