- एकतरफा उत्पीड़न के परिजनों ने लगाए आरोप, बोले पहले भी की गई थी शिकायत
- साथ ही परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
पीलीभीत। मंगलवार को जहां जिला अस्पताल स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में दिन दहाड़े हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल छात्र सागर कानपुर नगर ने डिप्लोमा इन सीटी स्कैन टेक्नोलॉजी प्रथम वर्ष की छात्रा कशिश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल छात्रा को जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद बरेली स्थित श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी को परिजनों की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया है। घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची स्टाफ नर्स निधि सहगल के हाथ में भी सामान्य चोट आई। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर किया। मृतका के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी सागर को तत्काल गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद मृतका का अंतिम संस्कार परिजनों द्वारा कर दिया गया।
घटना के बाद मृतका के परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपी को फांसी की सजा दिलाने, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी सागर काफी समय से कशिश को परेशान और प्रताड़ित कर रहा था। उसकी हरकतों से तंग आकर कशिश ने कॉलेज की प्राचार्य को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि शिकायत पर गंभीरता से कदम उठाया जाता, तो आज उनकी बेटी जीवित होती।
इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने मांग की है कि केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि मामले में लापरवाही बरतने वाले कॉलेज प्रशासन और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है, जबकि इस जघन्य हत्याकांड को लेकर जिलेभर में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
