भांवरकोल/गाजीपुर। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) में दक्ष बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) सभागार में गोद लिए गए विद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में द्वितीय तिमाही की कार्ययोजना, शैक्षणिक प्राथमिकताओं एवं अधिगम स्तर में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए एसआरजी रितेश सिंह ने कहा कि निपुण भारत मिशन की सफलता शिक्षकों के नियमित शैक्षणिक सहयोग, गतिविधि आधारित शिक्षण, सतत मूल्यांकन तथा उपचारात्मक (रेमेडियल) शिक्षण पर निर्भर है। उन्होंने सभी एआरपी से आह्वान किया कि वे अपने गोद लिए गए विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर शिक्षकों का मार्गदर्शन करें तथा प्रत्येक बच्चे की सीखने की प्रगति पर सतत निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल आंकड़ों में सुधार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ने, लिखने और गणना करने में वास्तविक रूप से दक्ष बनाना है। इसके लिए निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से नियमित आकलन और आवश्यकता के अनुरूप उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा में सभी बच्चे निपुण बन सकें।
बैठक में एआरपी अमित कुमार राय ने आगामी तिमाही की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए विद्यालयों में अधिगम स्तर सुधारने, साप्ताहिक मूल्यांकन, प्रभावी शैक्षणिक अनुश्रवण तथा समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति की रूपरेखा साझा की।
बैठक में एसआरजी रितेश सिंह, एआरपी अमित कुमार राय, रविशंकर राय, नीरज राय सहित ब्लॉक के शिक्षक एवं शैक्षणिक सहयोगी उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने ब्लॉक के प्रत्येक विद्यालय को समयबद्ध रूप से निपुण बनाने का संकल्प लिया।
