अमेठीः लिम्फेडिमा मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
July 14, 2026
अमेठी। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लिम्फेडिमा (हाथीपांव) से पीड़ित मरीजों के समुचित प्रबंधन तथा दिव्यांगता की रोकथाम (मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन- एमएमडीपी) को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को अमेठी में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता बढ़ाकर प्रत्येक पात्र मरीज तक गुणवत्तापूर्ण देखभाल और एमएमडीपी किट का लाभ पहुंचाना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि लिम्फेडिमा के मरीजों के लिए प्रभावित अंग की नियमित देखभाल, संक्रमण की रोकथाम और एमएमडीपी किट का सही उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षक अपने-अपने ब्लॉकों में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि नियमित सफाई, त्वचा की देखभाल, व्यायाम और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाकर बीमारी से होने वाली जटिलताओं एवं दिव्यांगता के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप तिवारी ने बताया कि जनपद में फाइलेरिया के कुल 2283 मरीज हैं । उन्होंने कहा कि सभी पात्र मरीजों को एमएमडीपी किट उपलब्ध कराने के साथ उनकी नियमित फॉलो-अप और परामर्श सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बार-बार होने वाले संक्रमण और बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सके। जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहब सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में प्रत्येक ब्लॉक से चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) ने भाग लिया। तकनीकी सत्र में सहयोगी संस्था पाथ के विशेषज्ञों ने लिम्फेडिमा की पहचान, एमएमडीपी किट के प्रभावी उपयोग, केस मैनेजमेंट तथा सामुदायिक स्तर पर मरीजों के नियमित फॉलो-अप की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधि, सहायक मलेरिया अधिकारी, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक तथा सहयोगी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) के प्रतिनिधियों सहित कुल 58 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
