मनोज कुमार मिश्रा
लखनऊ/अमेठी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में शांति मार्च निकाला। बड़ी संख्या में जुटे कोटेदारों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते हुए सरकार तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि, मार्च आगे बढ़ने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को एहतियातन डिटेन कर लिया। इस दौरान कुछ देर के लिए मौके पर हल्का तनाव भी देखने को मिला, लेकिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों ने संयम बनाए रखा। प्रदर्शन में शामिल कोटेदारों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इसके अलावा खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में आने वाली तकनीकी समस्याओं और प्रशासनिक दबाव के कारण भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही प्रदर्शनकारी निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कई कोटेदारों को एहतियातन हिरासत (डिटेन) में लेकर बसों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया। कोटेदार संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान फूडकमिषनर को ज्ञापन दिया गया उन्होने बताया कि पूर्व मे कैविनेट मंत्री मे भी आष्वासन दिया है। वही अब कोटेदार संगठन सरकार के अगले रुख का इंतजार कर रहे हैं। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो संगठन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और कोटेदार संगठनों के बीच वार्ता किस दिशा में बढ़ती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। कोटेदार संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने सरकार से मांग की कि उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाए, कमीशन की दरों में बढ़ोतरी की जाए, वितरण प्रणाली को सरल बनाया जाए तथा उनके हितों की रक्षा के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदेशभर के कोटेदारों से कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने एक दिन पूर्व मुलाकात कर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, वार्ता के बाद भी कोटेदार संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। कोटेदारों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
मायूस लौटे कोटेदार, बोले- कौन सुनेगा हमारी समस्याएं?
लखनऊ में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन और वार्ता के बाद प्रदेशभर के कोटेदार मायूस होकर लौटे। कोटेदारों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन मिला, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। प्रदर्शन में शामिल कई कोटेदारों ने निराशा जताते हुए कहा, ष्कौन सुनेगा हमारी समस्याएं? उनका आरोप है कि लंबे समय से कमीशन वृद्धि, मानदेय और अन्य लंबित मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कोटेदारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने पर मजबूर होंगे।
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