सुल्तानपुर। पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में लंभुआ नगर पंचायत के वरिष्ठ समाजसेवी नईमुद्दीन सिद्दीकी ने गुरुवार को अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आम के पौधे वितरित किए। यह अभियान मरहूम सलीमुद्दीन सिद्दीकी एवं नियाज अहमद सिद्दीकी की स्मृति में संचालित किया गया।
रघुकुल एकेडमी,प्राथमिक विद्यालय लंभुआ वा अन्य क्षेत्रीय विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पौधे सौंपते हुए नोमान सिद्दीकी ने कहा कि ष्बच्चे और वृक्ष भारत के सबसे बड़ी पूँजी है।उन्होंने बच्चों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प दिलाया।
नईमुद्दीन सिद्दीकी जी वर्षों से बिना किसी भेदभाव के हजारों लोगों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध करा रहे हैं। उनका कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके बाद भी उनका परिवार इस सेवा कार्य को निरंतर जारी रखेगा। उनके इस अभियान की सराहना समाजसेवियों, शिक्षाविदों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार की जाती रही है।जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के दौर में लंभुआ के वरिष्ठ समाजसेवी नईमुद्दीन सिद्दीकी पर्यावरण संरक्षण की ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं, जिसकी पूरे जिले में चर्चा हो रही है। वर्षों से वह अपने निजी प्रयासों से निःशुल्क पौधों का वितरण कर लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि पहले वितरित किए गए अनेक पौधे आज फलदार वृक्ष बन चुके हैं, जो पर्यावरण के साथ-साथ लोगों को भी लाभ पहुंचा रहे हैं।
नईमुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि जब तक जीवन रहेगा, तब तक यह अभियान जारी रहेगा और आने वाली पीढ़ियां भी इस सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते रहेंगे।साथ ही उनका यह मानना है कि बढ़ते तापमान, घटते भूजल स्तर और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सबसे प्रभावी समाधान अधिक से अधिक वृक्षारोपण है। उनका यह अभियान जिले में पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है।
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