अमेरिका ने ईरान के कई पुलों को बनाया निशाना! जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर टूटा कहर
July 17, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिका ने ईरान के कई नए इलाकों में हवाई हमले किए, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे। बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, इसलिए इन हमलों को क्षेत्रीय तनाव में बड़ी बढ़ोतरी माना जा रहा है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी होरमोज़गान प्रांत में पुलों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई।
गुरुवार को अमेरिका ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए ईरान के और अधिक पुलों को निशाना बनाया। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने एक ऐसे जहाज पर भी हमला किया, जिस पर आरोप है कि वह ईरान पर लगाए गए अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका ने कहा कि उसने देर रात दूसरी लहर के हमले इसलिए किए ताकि ईरान की सैन्य क्षमता को और कमजोर किया जा सके। इस बार हमले पहली बार राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों तक भी पहुंचे, जिससे साफ है कि अमेरिकी कार्रवाई अब और व्यापक होती जा रही है।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में तेहरान, सेमनान प्रांत, हमदान, होरमोज़गान, खुज़ेस्तान, लोरेस्तान, मरकज़ी, सिस्तान-बलूचिस्तान और क़ेश्म द्वीप को निशाना बनाया गया। सेमनान प्रांत को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है। बंदर अब्बास के अल्लाह-अकबर हिल रिहायशी इलाके पर हुए हमले में 7 लोग घायल हुए। वहीं बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन पर हुए हमले में 2 अन्य लोग घायल हो गए। शहर के पश्चिम में 2 पुलों पर हुए हमले में 3 लोगों की मौत और 9 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने ग्रेटर तुंब द्वीप पर ईरान के रक्षा और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया। यह द्वीप फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संगम पर स्थित 3 छोटे द्वीपों में से एक है। वर्ष 1971 में ईरान ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था। इन द्वीपों के कारण ईरान को होर्मुज पर महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त मिलती है। अमेरिकी सेना ने यह भी दावा किया कि उसने कुरासाओ के झंडे वाले एक तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया, जो ईरान के मुख्य ऑइल एक्सपोर्ट टर्मिनल की ओर जा रहा था। अमेरिका का कहना है कि जहाज ने कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद उस पर मिसाइल दागी गई।
