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बेंगलुरु के कैपजेमिनी डे-केयर में बच्चों से बदसलूकी मामले में हुई पहली गिरफ्तारी


कर्नाटक में पूर्वी बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड में एक मशहूर IT कंपनी कैपजेमिनी के HAL परिसर में बने डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में 5 महिलाओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। बेंगलुरु पुलिस ने केस तब दर्ज किया था जब 2 से 3 साल के बच्चों के साथ मारपीट और परेशान करने वाले वीडियो सामने आए। इस मामले में अब पुलिस ने 1 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, बच्चों के साथ मानसिक और शारीरिक शोषण करने के मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। इस मामले में कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के समक्ष भी अलग से शिकायत की गई है।

जान लें कि विजयलक्ष्मी नाम की महिला को पुलिस ने डे-केयर शिशु टॉर्चर मामले में अरेस्ट कर लिया है। FIR में विजयलक्ष्मी को आरोपी नंबर 2 बनाया गया है। कोर्ट ने आरोपी विजयलक्ष्मी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि वीडियो वेरिफिकेशन के दौरान विजयलक्ष्मी की पहचान हो गई, इसीलिए उसे अरेस्ट कर लिया गया है। जल्द ही उसको अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी की मांग की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में आरोपियों की पहचान विजयलक्ष्मी, सिंधु, मंजुला, भवानी और बिंदु के तौर पर हुई है। ये सभी उस चाइल्डकेयर सेंटर की कर्मी हैं, जहां IT कंपनी के कर्मी काम के घंटों के वक्त अपने बच्चों को छोड़कर जाते हैं। सभी पीड़ित बच्चों की उम्र दो से तीन साल के बीच है। आपको चाइल्ड केयर का वीडियो फुटेज विचलित कर सकते हैं इसलिए इस खबर में नहीं दिखाया जा रहा है।

वायरल वीडियो में बच्चों की देखभाल करने वाली महिलाएं, बच्चों को डराते-धमकाते हुए नजर आ रही हैं। जब भी बच्चे रोते थे या शोर मचाते थे तो उन्हें कथित रूप से धमकाया जाता था। डे-केयर की कर्मियों पर बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर रखने, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी की बौछार मारने, वेस्टर्न-स्टाइल टॉयलेट कमोड पर बैठने के लिए मजबूर करने और बाथरूम में बंद करने का भी आरोप है।

पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) एक्ट के अंतर्गत 5 महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है और बीते मंगलवार को पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया भी था। जांचकर्ता वायरल वीडियो के सच होने की पुष्टि भी कर रहे हैं और यह मालूम करने की कोशिश कर रहे हैं कि ये घटनाएं कब हुईं और क्या अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी ही बदसलूकी की जाती थी। बेंगलुरु पुलिस ने कहा कि वारदात की सही तारीख और हालातों का पता लगाने के लिए वीडियो फुटेज की पड़ताल की जा रही है।

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