बलिया। जनपद के रेवती थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में दलित व्यक्ति की मौत के मामले को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने दो दिन के भीतर नामजद पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के रेवती थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में एक दलित व्यक्ति की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर विपक्षी दलों ने योगी सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मामले में नामजद पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होने से कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि किसी मामले में पुलिसकर्मी नामजद हैं तो कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ष्मुख्य आरोपी सिपाही और दरोगा की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?ष्
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने के बजाय विलंब कर रहा है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है। उनका कहना था कि यदि आम नागरिक पर आरोप लगते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन पुलिसकर्मियों के मामले में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है।
उमाशंकर पाठक ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर नामजद पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी जिलेभर में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
