आगरा/छावनी।जब एक बेटी पढ़ती है तो केवल उसका भविष्य नहीं बदलता, बल्कि पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। इसी विश्वास के साथ आज आगरा छावनी की एक बस्ती में समाज सेविका ज्योति सिंह (ज्योति दीदी) एवं इंडियन ड्रीम्स फाउंडेशन के सहयोग से छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह पहल केवल कॉपी-किताबें देने तक सीमित नहीं, बल्कि उन बेटियों के सपनों को संबल देने का प्रयास है जो संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं।
इंडियन ड्रीम्स फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से पिछड़े और वंचित समुदायों के बच्चों, विशेषकर बेटियों, को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। जिन बच्चियों की पढ़ाई किसी कारणवश छूट गई या जो कभी विद्यालय तक नहीं पहुँच सकीं, उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ने, उनकी शिक्षा जारी रखने और परिवारों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने का यह अभियान निरंतर चल रहा है।
इस अवसर पर ज्योति सिंह ने कहा कि बस्तियों में बेटियों की शिक्षा के लिए शुरू हुआ यह प्रयास आज एक सामाजिक परिवर्तन का रूप ले चुका है। वर्षों पहले जिन परिवारों में बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, वहीं आज वही परिवार अपनी बेटियों को आगे बढ़ते हुए देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। सैकड़ों बेटियों ने अपनी 12वीं की शिक्षा पूरी की है और उनमें से अनेक उच्च शिक्षा एवं स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। कई बेटियाँ आज आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवारों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
ज्योति सिंह ने कहा कि शिक्षा ने केवल बेटियों के हाथों में किताबें नहीं दीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य की पहचान भी कराई है। यही कारण है कि जिन बस्तियों में कभी बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियाँ आम थीं, वहाँ अब शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ने से ऐसी सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। आज अधिक से अधिक परिवार अपनी बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, अंत्योदय का अर्थ केवल योजनाओं का लाभ पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़ी बेटी को अवसर, सम्मान और आत्मविश्वास देना है। जब हर बेटी शिक्षित होगी, आत्मनिर्भर बनेगी और अपने सपनों को साकार करेगी, तभी विकसित भारत का संकल्प वास्तविक रूप से पूर्ण होगा।
ज्योति दीदी ने कहा कि उनकी जमीनी नेतृत्व की यात्रा का उद्देश्य केवल शिक्षा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हर बस्ती में ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ कोई भी बेटी केवल गरीबी या परिस्थितियों के कारण अपने सपनों से समझौता न करे। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक बेटियों की शिक्षा के इस अभियान का सहभागी बने, क्योंकि ’शिक्षित बेटी ही सशक्त समाज और विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला है।
