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रुद्रपुर: भाजपा की अंदरूनी खींचतान आई खुलकर सामने, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में समर्थकों ने किया शक्ति प्रदर्शन


रुद्रपुर। नगर निगम के ष्जन-जन सरकार, जन-जन के द्वारष् अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर दिखाई दी। प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की मौजूदगी में मेयर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर शक्ति प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और कुछ समय के लिए माहौल भी गर्म हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही दोनों नेताओं के समर्थक आमने-सामने आए, उन्होंने अपने-अपने नेता के पक्ष में लगातार नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी के कारण कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि मंच पर मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने की होड़ भी बढ़ती दिखाई दे रही है। सार्वजनिक मंच पर समर्थकों द्वारा की गई नारेबाजी को इसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का संकेत माना जा रहा है।

भाजपा संगठन लंबे समय से अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता की बात करता रहा है, लेकिन इस तरह के घटनाक्रम समय-समय पर संगठन के भीतर मौजूद गुटबाजी की चर्चाओं को फिर से हवा दे देते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर काफी देर तक चर्चा होती रही।

हालांकि पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न ही किसी नेता ने सार्वजनिक रूप से इस नारेबाजी पर टिप्पणी की है। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल में संगठन के लिए चुनौती बन सकती हैं।

अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस घटनाक्रम को किस तरह लेता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन आपसी समन्वय और अनुशासन बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।।

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