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9300 रुपये महीने से शुरू की नौकरी, विजिलेंस की जांच में मिली 223% ज्यादा संपत्ति


ओडिशा में आय से ज्यादा संपत्ति अर्जित करने के मामले में अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई जारी है। अब विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में ओडिशा कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय कुमार किसपट्टा को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में वह लोअर सुकतेल परियोजना, बलांगीर में कार्यरत हैं। विजिलेंस ने उन्हें गिरफ्तार कर जयपुर स्थित विशेष विजिलेंस न्यायालय में पेश किया।

विजिलेंस के अनुसार, जांच में संजय कुमार किसपट्टा के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में 223 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई, जिसका वह संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। इसी आधार पर विजिलेंस ने 14 जुलाई 2026 को कोरापुट विजिलेंस थाना केस संख्या 15 दर्ज किया। इस मामले में उनके साथ उनकी पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b) के तहत दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि इससे पहले भी ओडिशा विजिलेंस ने केंद्रापड़ा क्षेत्र के फॉरेस्ट रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की थी और कई संपत्तियों, निवेश, कैश और आभूषण बरामद किया था।

विजिलेंस द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई तलाशी के दौरान संजय कुमार किसपट्टा और उनके परिवार के नाम पर करोड़ों रुपये की चल एवं अचल संपत्ति का पता चला। जांच में पता चला कि संजय किसपट्टा के पास कोरापुट शहर में लगभग 8,000 वर्गफुट क्षेत्र में बना चार मंजिला व्यावसायिक भवन, जिसमें 23 कमरे हैं और जिसे तीन सितारा होटल जैसी सुविधाओं वाला लॉज बताया गया है, सुंदरगढ़ जिले के लहुणीपाड़ा में लगभग 7,715 वर्गफुट क्षेत्रफल का निर्माणाधीन तीन मंजिला आवासीय भवन, कुल 9 कीमती प्लॉट, जिनमें 6 कोरापुट, 2 राउरकेला और 1 भुवनेश्वर में स्थित हैं। इसके अलावा संजय के पास से 1 लाख 16 हजार 680 रुपये नकद, 325.562 ग्राम सोना और 1.121 किलोग्राम चांदी बरामद हुआ। संजय के पास बैंक में 1 करोड़ 23 लाख 49 हजार 804 रुपये की जमा राशि, दो चार पहिया वाहन, दो दोपहिया वाहन और करीब 38.58 लाख रुपये मूल्य के घरेलू सामान का खुलासा हुआ है। विजिलेंस द्वारा तलाशी, संपत्तियों की सूची तैयार करने और विस्तृत जांच के बाद आय, खर्च और संपत्ति का आकलन किया गया। जांच में पाया गया कि संजय कुमार किसपट्टा के पास उनकी ज्ञात आय से 223 प्रतिशत अधिक संपत्ति है।

संजय कुमार किसपट्टा का जन्म 11 अक्टूबर 1986 को हुआ। उन्होंने साल 2011 में जल संसाधन विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उन्हें 9,300 रुपये वेतन मिलता था। उनकी पहली नियुक्ति कोरापुट जिले के नारायणपटना ब्लॉक में हुई थी। साल 2016 में उनकी सेवा नियमित हुई और वर्ष 2018 तक वे उसी पद पर कार्यरत रहे। इसके बाद वर्ष 2018 से 2021 तक उन्होंने पोटांगी ब्लॉक, कोरापुट में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के रूप में काम किया। इसके बाद 2021 से फरवरी 2025 तक वे आईटीडीए, कोरापुट में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर रहे।

6 मार्च 2026 को संजय कुमार को पदोन्नति देकर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया और उनकी नियुक्ति ओडिशा कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड, भुवनेश्वर में की गई। बाद में उन्हें लोअर सुकतेल परियोजना, बलांगीर में डेप्युटेशन पर भेजा गया, जहां वह वर्तमान में कार्यरत थे। विजिलेंस के अनुसार, संजय कुमार किसपट्टा ने अपने सरकारी करियर का लगभग 15 वर्ष कोरापुट जिले में बिताया है। ओडिशा विजिलेंस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है। बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।

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