मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना को लेकर बड़ी खबर, अपात्र महिलाओं की संख्या 80 से 92 लाख पहुंची
July 13, 2026
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की लेकर महत्वपूर्ण जानकारी निकलकर सामने आ रही है। योजना में अपात्र महिलाओं की संख्या अब 80 लाख से बढ़कर 92 लाख पहुंच गई है। योजना में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के बीड जिले से लाभार्थी महिलाएं बाहर हुई हैं। पिछले महीने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में अपात्र महिलाओं की संख्या 80 लाख के करीब थी। एक महीने के अंदर और 12 लाख लाभार्थी महिलाओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
जब यह योजना शुरू की गई थी, तब योजना के अंतर्गत कुल लाभार्थी महिलाओं की संख्या 2.4 करोड़ थी। जिसमें अब 38 फीसदी की गिरावट हुई है। तय समय पर E KYC पूरा नहीं करने वाले महिलाओं की संख्या में अपात्रता सूची में सबसे ज्यादा है।
एक ओर लाभार्थियों की संख्या कम हो रही है, वहीं दूसरी ओर 'कैग' ने जारी अपनी रिपोर्ट में 'लाड़की बहन योजना' को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना पर हो रहे भारी खर्च के कारण महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति पर बड़ा दबाव पड़ सकता है। साथ ही, योजना के तहत किए गए 3,542 करोड़ रुपये के खर्च का पर्याप्त और ठोस औचित्य उपलब्ध नहीं है, ऐसा भी रिपोर्ट में कहा गया है।
महिला कल्याण पर राज्य का खर्च वित्त वर्ष 2023-24 में केवल 261.78 करोड़ रुपये था। लेकिन 28 जून 2024 को मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना को मंजूरी मिलने के बाद, वित्त वर्ष 2024-25 में यह खर्च बढ़कर 33,514.36 करोड़ रुपये हो गया।
बता दें कि अप्रैल 2026 में ये खबर सामने आई थी कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में अपात्र बहनों पर सरकार के 21 हजार करोड़ खर्च हुए और 20 महीनों से पैसा मिलता रहा।
