नेनमारा दोहरा हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत! परिवार के 3 सदस्यों की हत्या की थी
July 20, 2026
केरल की एक अदालत ने सोमवार को सनसनीखेज 2025 के नेनमारा दोहरे हत्याकांड मामले में 61 वर्षीय एक व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई। पलक्कड़ के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज ने 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी में अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या करने के जुर्म में चेंथामारा को मौत की सजा सुनाई और 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने दोषी चेंथामारा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकने) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने इस मामले को "दुर्लभ से दुर्लभतम" की श्रेणी में रखते हुए टिप्पणी की कि दोषी ने एक ही परिवार के कई सदस्यों की बेरहमी से हत्या की है।
चेंथामारा को इससे पहले 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजीता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अपनी वैवाहिक समस्याओं के लिए सजीता को जिम्मेदार मानता था। इस मामले में अदालत ने उसे पहले ही दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
जनवरी 2025 में सजीता हत्याकांड में जमानत पर बाहर आने के तुरंत बाद, चेंथामारा ने सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से वह मलम्पुझा उप-जेल में बंद था।
इस दोहरे हत्याकांड के मुकदमे के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपना पक्ष बेहद मजबूती से रखा। मामले को साबित करने के लिए 81 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। 28 भौतिक साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए गए। सुधाकरन की बेटियों अखिला और अतुल्या के साथ-साथ परिवार के दूसरे सदस्यों ने आरोपियों के लिए ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग की थी। परिवार ने कोर्ट को बताया था कि उन्हें अपनी सुरक्षा का डर बना हुआ है और आरोप लगाया कि आरोपी ने ट्रायल के दौरान कोर्ट में लाए जाने पर भी धमकियां दी थीं।
बीते दिनों एक ऐसी ही खबर उत्तर प्रदेश के फ़िरोजाबाद से सामने आई, जहां डेढ़ साल के मासूम को 8 बार पटक कर हत्या करने वाले चाचा को फांसी की सजा सुनाई गई।
