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सरकार का बड़ा प्लान! पश्चिम एशिया में हर भारतीय नाविक पर रहेगी 24 घंटे नजर


'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में 2 व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने समुद्री निगरानी बढ़ाने और 'सीफेरर-फर्स्ट' या नाविकों को प्राथमिकता देने की नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हर भारतीय नाविक का पता लगाया जाएगा, चाहे वह किसी भी देश के झंडे वाले जहाज पर काम कर रहा हो। सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सोनोवाल ने कई अहम निर्देश दिए।

सोनेवाल ने बैठक के दौरान हर जहाज की 'रियल टाइम मॉनिटरिंग', प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारी की नियुक्ति और विदेश मंत्रालय, भारतीय नेवी, जहाजरानी महानिदेशालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा ईरान और ओमान स्थित भारतीय दूतावासों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। यह बैठक होर्मुज में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा नामक 2 व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद बुलाई गई थी। दोनों जहाजों के कुल 46 सदस्यीय दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे।

बता दें कि एमटी अल बहियाह पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ। वहीं एमटी मोम्बासा पर 9 भारतीय नाविक घायल हुए, जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई गई है। सोनोवाल ने मृत नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक का सर्वोच्च बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि सरकार शोकाकुल परिवार की हरसंभव मदद करेगी और सभी घायल नाविकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है। उन्होंने भारतीय नाविकों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।

केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर और वरिष्ठ अफसरों के साथ हुई बैठक में फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई तथा भारतीय नाविकों के सामने मौजूद खतरों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का आकलन किया गया। सोनोवाल ने डीजी शिपिंग को निर्देश दिया कि फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी में चलने वाले हर जहाज पर मौजूद भारतीयों का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए एक ऑपरेशनल डैशबोर्ड तैयार किया जाए। इस डैशबोर्ड में जहाज की स्थिति, मालिकाना हक, कार्गो, क्रू की संख्या, उनकी सुरक्षा, जोखिम का स्तर, यात्रा मार्ग, अगला बंदरगाह और उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक समय की जानकारी दर्ज होगी।

मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि संकट प्रभावित प्रत्येक भारतीय नाविक के लिए एक समर्पित संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाए। यही अधिकारी परिवारों को मेडिकल अपडेट, यात्रा संबंधी दस्तावेज, स्वदेश वापसी, नाविक कल्याण निधि, बकाया वेतन, अनुबंध संबंधी अधिकार और मुआवजे जैसी सभी जानकारियां उपलब्ध कराएगा। सोनोवाल ने अधिकारियों को ईरान, ओमान और UAE में भारतीय मिशनों के साथ मिलकर अस्पतालों, सुरक्षित बंदरगाहों, इमरजेंसी मेडिकल सुविधा, शवों की स्वदेश वापसी और जांच से जुड़ी प्रमाणित जानकारी जुटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नए खतरे का आकलन, जहाज के कप्तान की पेशेवर राय और सक्षम समुद्री अधिकारियों से सलाह लेने के बाद ही प्रभावित क्षेत्र से किसी जहाज की आवाजाही की अनुमति दी जाए।

सोनोवाल ने जहाज मालिकों, पोत प्रबंधकों और भर्ती एजेंसियों को भी निर्देश दिया कि वे अनुपालन रिपोर्ट दें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी भारतीय नाविक को पर्याप्त सुरक्षा, जानकारी और सहायता के बिना जहाज पर जाने के लिए मजबूर न किया जाए। सरकार ने नाविकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए 24x7 सहायता प्रणाली भी शुरू की है। इसके तहत टोल-फ्री हेल्पलाइन, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से शिकायतें और सहायता अनुरोध दर्ज कराए जा सकते हैं। सोनोवाल ने दोहराया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय नाविकों की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों और समुद्री एजेंसियों के समन्वय से भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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