मंगलुरु में बांग्लादेशी मूल के 19 संदिग्ध अवैध प्रवासी हिरासत में! लेबर कॉन्ट्रैक्टर पर केस दर्ज
July 14, 2026
भारत के विभिन्न राज्यों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों को पकड़ कर उन्हें डिपोर्ट भी किया जा रहा है। इसी क्रम में कर्नाटक के मंगलुरु से बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, मंगलुरु में बांग्लादेशी मूल के 19 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए लेबर कॉन्ट्रैक्टर पर केस दर्ज कर लिया है।
मंगलुरु में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी मूल के 11 और संदिग्ध प्रवासियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के तहत अब तक कुल 19 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। ताजा कार्रवाई उरवा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली दो जगहों से की गई, जहां ये लोग कथित तौर पर कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे। इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने मुक्का से बांग्लादेशी मूल के आठ संदिग्ध नागरिकों को हिरासत में लिया था।
इन नई गिरफ्तारियों के बाद, मंगलुरु पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। उस पर बांग्लादेशी मूल के संदिग्ध प्रवासियों को काम पर रखने का आरोप है। कॉन्ट्रैक्टर पर उन्हें भारतीय मजदूरों के साथ कंस्ट्रक्शन साइट पर भेजने का आरोप है। पुलिस अभी हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान के दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि उनकी नागरिकता और इमिग्रेशन स्टेटस का पता लगाया जा सके। आगे की जांच जारी है।
भारत और बांग्लादेश कुल 4096.7 किलोमीटर लंबी सीमा साझी करते हैं। बांग्लादेश से सटे भारतीय बॉर्डर पर घुसपैठ का खेल लंबे समय से जारी है। भारत में बांग्लादेश के ज्यादातर लोग पश्चिम बंगाल के रास्ते घुसपैठ करते हैं। इसके लिए बड़े-बड़े गैंग काम में लगे होते हैं। घुसपैठ कराने वाले गैंग कई हिस्सों में बंटे होते हैं। पहला हिस्सा बांग्लादेश में लोगों को चुनता है और बॉर्डर पार कराता है। दूसरा हिस्सा भारत में बॉर्डर से रेलवे या बस स्टैंड तक पहुंचाता है। तीसरा हिस्सा कोलकाता या अन्य शहरों से ट्रेनों के जरिए यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भेजता है। चौथा हिस्सा झुग्गियों में रहने-खाने और छोटे कामों का इंतजाम करता है। बाद में फर्जी आधार और वोटर आईडी बनवाकर उन्हें आम नागरिक जैसा बना दिया जाता है।
