दिल्ली में 108 स्कूल असुरक्षित चिन्हित, 7 जल्द होंगे ध्वस्त
July 15, 2026
दिल्ली सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर राज्य के 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इनमें से 54 इमारतों को बेहद जर्जर हालत में पाया गया, जिनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जांच में सामने आया है कि इन 108 में से 54 स्कूल इमारतें बेहद जर्जर हालत में हैं। इन्हें हटाने यानी ध्वस्तीकरण की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें से 7 स्कूल भवनों को अगले कुछ ही महीनों में गिराया जा सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी पुराने स्कूल भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को मौजूदा भवनों की सुरक्षा जांच और लागत का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। 14 अन्य स्कूल भवनों के लिए भी स्ट्रक्चरल ऑडिट के प्रस्ताव भेजे गए हैं। शिक्षा विभाग सभी स्कूल भवनों की डिजिटल प्रोफाइलिंग करेगा, जिसमें संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों का आकलन होगा।
सरकार जर्जर हो चुकी पुरानी इमारतों को गिराकर उनकी जगह आधुनिक और भूकंपरोधी G+4 (चार मंजिला) स्कूल भवन बनाएगी। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार के पास जो 27 खाली सरकारी भूखंड पड़े हैं, उन पर भी नए और स्थायी स्कूल बनाने की योजना शुरू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
इससे पहले, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों को लेकर एक सख्त संदेश जारी किया था। सीएम ने कहा था कि अगर कोई स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से ही किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो उस फरमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह कभी भी, किसी भी प्राइवेट स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंच सकती हैं। स्कूल को अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर साफ-साफ लिखना होगा कि पेरेंट्स अपनी सुविधानुसार कहीं से भी यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर स्कूल ने किसी एक ही दुकानदार से सामान लेने का दबाव बनाया, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
