ठीकेदार की मनमानी से दिखा भारी आक्रोश नाली निर्माण में नही दिखा गुणवत्ता।
कोन (सोनभद्र)। विकास खंड कोन अंतर्गत कोन बाजार थाना रोड पर पीयूष गुप्ता के घर से कोन-कचनरवा-विंढमगंज मार्ग तक कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के प्रयोग तथा निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभाग से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार नाली की खुदाई करने के बाद सोलिंग डाली गई और उसके ऊपर सरिया का जाल बिछा दिया गया, जबकि नियमानुसार पहले पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) का कार्य होना चाहिए था। आरोप है कि पीसीसी का कार्य किए बिना ही सीधे आरसीसी (रिइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) का निर्माण शुरू कर दिया गया, जिससे नाली की मजबूती और उसकी दीर्घकालिक गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कई बार ठेकेदार और कार्य से जुड़े लोगों को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य में कोई सुधार नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि विरोध के बावजूद ठेकेदार मानकों के विपरीत कार्य कराने पर आमादा है। क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई है कि यदि इसी प्रकार से निर्माण कार्य किया गया तो बरसात के मौसम में नाली क्षतिग्रस्त हो सकती है और लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की जांच करें तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में अवर अभियंता आनंद शुक्ला ने दूरभाष पर बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच के दौरान गुणवत्ता विहीन या मानकों के विपरीत कार्य कराए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि जनपद में हाल ही में कार्यभार ग्रहण करने वाले जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और बरसात के मौसम से पहले सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण कराया जाए। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं तो यह विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं।
नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों ने भी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा मंडल कोन के नेता बृज कुमार जायसवाल, श्यामराज गुप्ता एडवोकेट, पीयूष गुप्ता तथा मुकेश पटवा समेत अन्य स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के लिए क्या कदम उठाता है। क्षेत्र की जनता की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
