किसानों को उनके गैलन जर्किन मे दिया जाय डीजल संदीप मिश्रा।
सोनभद्र। जिले में किसानों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर फार्मर रजिस्ट्री, खाद आपूर्ति और डीजल-पेट्रोल वितरण व्यवस्था में सामने आ रही खामियों से किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मोर्चा ने आरोप लगाया कि फार्मर रजिस्ट्री के दौरान बड़ी संख्या में किसानों की जमीनों का सही विवरण दर्ज नहीं किया जा रहा है। कई किसानों की तीन गाँवचार गाँव में अलग-अलग स्थानों पर स्थित भूमि में फार्मर रजिस्ट्री में मात्र एक गाँव का पोर्टल ले रहा है बाकी के रकबो की जमी की खाद कैसे मिलेगी इसलिए पोर्टल को ठिक कराया जाय ।संदीप मिश्रा ने कहा कि यदि समय रहते त्रुटियों का सुधार नहीं किया गया तो हजारों किसानों को प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों से विशेष अभियान चलाकर फार्मर रजिस्ट्री की जांच कराने की मांग की। मोर्चा ने किसानों की खाद समस्या को भी प्रमुखता से उठाया है। बताया गया कि किसानों के लिए आने वाली खाद की अधिकांश रैक वाराणसी और मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर उतारी जाती हैं, जिसके बाद उसे सोनभद्र पहुंचाया जाता है। इससे परिवहन लागत बढ़ती है और समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पाती।
मोर्चा ने डीजल-पेट्रोल वितरण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों को बड़ी मात्रा में गैलन के माध्यम से डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि छोटे और मध्यम किसान आवश्यक मात्रा में ईंधन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि "सोनभद्र के किसान पहले ही महंगाई, मौसम की मार और लागत वृद्धि से जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक लापरवाही और गलत नीतियां किसानों की कमर तोड़ने का काम कर रही हैं। किसान हितों की रक्षा के लिए संघर्ष हर स्तर पर जारी रहेगा।"
आज के कार्यक्रम में आकाश चौहान सत्रुधन बिन्द मनोज अग्रहरि राजेस मौर्य नन्दू जायसवाल सुरेस जायसवाल विजय चौहान सुरज कनौजिया सन्जय बियार सुजीत विश्वकर्मा विजय धागर नागेन्दर तिरकी प्रमोद तिरकी धीरज कनौजिया अवधेश जाटव बासमती चेरो कौशल्या बिन्द हेमा बिन्द दुलारी कुशवाहा राजू मौर्य व सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
