करमा। केकराही स्थित मेडिसिटी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती प्रसूता की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। वाराणसी रेफर किए जाने के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। लेकिन परिजन ने कहा कि केकराही में ही मौत हो चुकी थी लेकिन अपने को बचने के लिए हॉस्पिटल वाला भेज दिया। शव को लेकर अस्पताल पहुंचे और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। घोरावल क्षेत्र के पुरखास गांव निवासी संतोषी (25) पत्नी रामजी प्रसव के लिए करमा क्षेत्र के टिकुरिया स्थित अपने मायके आई थीं। बुधवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें केकराही के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने बताया गया कि गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है और तत्काल ऑपरेशन जरूरी है। रात में ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। गंभीर स्थिति होने पर उसे वाराणसी रेफर किया गया, जहां बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रभारी निरीक्षक सूर्यभान ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर के आधार पर 118/26 के तरह मुकदमा पंजीकृत किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए मर्चरी भेजा गया है। नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर ने बताया कि अस्पताल पंजीकृत है। लेकिन हॉस्पिटल को सील किया जाता है।नोटिस चस्पा किया गया है।
Sonebhadra: जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर केकराही मेडिसिटी हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा के मौत के बाद परिजनों का हंगामा एफआईआर दर्ज हॉस्पिटल सील।
June 19, 2026
