जमीन घोटाले के मामले में CM धामी का सख्त एक्शन, IAS को बर्खास्त करने की सिफारिश की
June 20, 2026
हरिद्वार नगर निगम जमीन घोटाले के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त एक्शन लिया है। पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोटाले के आरोपी पूर्व नगर आयुक्त IAS वरुण चौधरी को बर्खास्त करने की सिफारिश की है।
चौधरी के अलावा अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट करमेंद्र सिंह के खिलाफ भी बड़ी सजा वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई के तहत, सिंह का पद घटाया जा सकता है या उन्हें नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।
बता दें कि वरुण चौधरी और करमेंद्र सिंह दोनों ही IAS अधिकारी हैं, इसलिए सेवा नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए सिफारिशें कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजी जा रही हैं।
हरिद्वार के तत्कालीन SDM अजयवीर सिंह के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई है और उनके तीन सालाना इंक्रीमेंट रोक दिए गए हैं। बता दें कि यह मामला हरिद्वार नगर निगम द्वारा कचरा डंपिंग यार्ड के लिए ज़मीन खरीदने से जुड़ा है।
दरअसल जांच में ये बात सामने आई कि कथित तौर पर अधिकारियों ने लगभग ₹15 करोड़ की कीमत वाली 2.3070 हेक्टेयर ज़मीन ₹54 करोड़ की बढ़ी हुई कीमत पर खरीदी थी। बताया ये गया कि इस लेन-देन के दौरान कई प्रक्रियात्मक और विनियामक नियमों का उल्लंघन किया गया था।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद, मुख्यमंत्री धामी ने 3 जून, 2025 को तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त और SDM समेत सात लोगों को निलंबित कर दिया।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले भी ये बात कही है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। ताजा एक्शन उनकी इसी नीति का हिस्सा है। जब हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामला सामने आया था, तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था और प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर ही कार्रवाई शुरू कर दी थी।
सीएम धामी के इस एक्शन से प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ये संदेश गया है कि गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
