बीसलपुर। आर्य वीर दल बढ़ैरा के तत्वावधान में आयोजित प्रथम वार्षिकोत्सव का समापन वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ एवं प्रेरणादायी प्रवचनों के साथ संपन्न हो गया। अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में युवाओं और श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
मुख्य वक्ता वैदिक विद्वान एवं यज्ञ ब्रह्मा आचार्य विष्णु मित्र वेदार्थी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्मचर्य, संयम, परिश्रम और तपस्या व्यक्ति को शारीरिक तथा मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है और चरित्र मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है।
उन्होंने युवाओं से उत्तम शिक्षा, सदाचार, अनुशासन एवं आत्मसंयम अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, युक्त आहार, व्यायाम और प्राणायाम से आयु, विद्या, यश, बल और प्रतिभा में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम में किरण आर्या ने भजन प्रस्तुत कर पंचमहायज्ञों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नित्य पंचमहायज्ञ करने से परिवार में सुख, शांति और संस्कारों का विकास होता है। वहीं पंडित हरदेव आर्य ने अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के जीवन पर आधारित प्रेरणादायी भजन प्रस्तुत कर युवाओं को देशभक्ति का संदेश दिया।
संगीता आर्या ने ईश्वर भक्ति पर आधारित भजनों के माध्यम से आध्यात्मिक जीवन का महत्व बताया। कार्यक्रम में भुवनेश आर्य, संजय आर्य, नरेश कुमार शास्त्री, रामसागर आर्य, शिशुपाल शास्त्री, राम बहादुर शास्त्री सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
