लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देकर एक क्रांति ला डी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्णय दिया कि फुटपाथ पर चलना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बीच लखनऊ के आशियाना में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित वेंडिंग जोन का भारी विरोध हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा फुटपाथ पर सुरक्षित चलने को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किए जाने के बाद, अब स्थानीय स्तर पर भी इसके संरक्षण की आमजन मानस मे मांग तेज हो गई है।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में फुटपाथ पर प्रस्तावित वेंडिंग जोन को लेकर स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है।लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एच स्थित श्स्काई हिल्टनश् के सामने मुख्य मार्ग के फुटपाथ पर प्रस्तावित वेंडिंग जोन का स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध किया है।नागरिकों का कहना है कि मुख्य मार्ग के फुटपाथ पर वेंडिंग जोन बनने से यातायात जाम की समस्या बढ़ेगी, जिससे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न होगी।नागरिकों ने कहा की नगर निगम मे व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते ऐसी दुर्व्यवस्था को अंजाम दिया जा रहा है यहाँ तक नगर निगम के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने से भी परहेज नहीं कर रहे है।स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को ज्ञापन सौंपकर वेंडिंग जोन को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। वित्त मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जनता के हित और उनके फुटपाथ के अधिकार को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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